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29 दिसंबर, 2020|12:01|IST

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बालश्रम व बाल विवाह से पंचायत को मुक्त कराने का संकल्प

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बालश्रम व बाल विवाह से पंचायत को मुक्त कराने का संकल्प

रानीपतरा। संवाद सूत्र

बाल विवाह, बाल मजदूरी, बाल तस्करी, स्वास्थ्य, समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इसे हर हाल में मिटाना ही होगा। यह बातें एक्शन एड की प्रखंड समन्वयक कल्पना विश्वास ने सोमवार को डिमिया छत्रजान पंचायत भवन में कार्यक्रम में कहीं। सोमवार को डिमिया पंचायत भवन में स्थानीय मुखिया प्रदीप कुमार साह की अध्यक्षता में बाल संरक्षण समिति का गठन किया गया। इस अवसर पर प्रखंड समन्वयक कल्पना विश्वास ने बाल श्रम बाल तस्करी एवं बाल विवाह पर विस्तार से चर्चा की और राज्य से लेकर जिले में बच्चों की स्थिति पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिमिया पंचायत को बालश्रम व बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने में यहां के स्थानीय जनप्रतिनिधि और समाजसेवी, बुद्धिजीवी वर्ग सहित अन्य पंचायत स्तर के पदाधिकारियों का अहम भूमिका की जरूरत है। हर पंचायत में एक सीपीसी कमिटी का गठन करना है। जिसमें मुख्य रुप से 15 सदस्य टीम का चयन करना है। इस 15 सदस्य टीम में मुखिया,उप मुखिया, सरपंच, समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति, चौकीदार, मीना मंच के बच्ची, शिक्षक, वार्ड सदस्य सहित अन्य 8 लोगों का चयन होना है। इसको लेकर 15 दिन पर पंचायत स्तर पर एक बैठक करनी है। मौके पर मुखिया ने कहा कि आज किसी भी समाज को आगे ले जाने के लिए सबसे पहले वहां के लोगों को शिक्षित होना अनिवार्य है। अपने पंचायत को बाल विवाह बाल तस्करी और बाल मजदूरी मुक्त करने का प्रयास करता रहूंगा। स्थानीय जनप्रतिनिधि, सेविका, सहायिका, समिति, सरपंच आदि ने बाल विवाह, बाल मजदूरी, बाल तस्करी को दूर भगाने के लिए संकल्प लिया।

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  • Web Title:Pledge to free panchayat from child labor and child marriage