राष्ट्रीय लोक अदालत मे 2987 केस का सुलह के आधार निपटार
-सबसे अधिक ट्रैफिक चालान के 1764 मामले का निष्पादन पूर्णिया, कार्यालय प्रतिनिधि। राष्ट्रीय लोक अदालत मे 2987 केस का सुलह के आधार पर निष्पादन हुआ। इस

पूर्णिया, कार्यालय प्रतिनिधि।राष्ट्रीय लोक अदालत मे 2987 केस का सुलह के आधार पर निष्पादन हुआ। इसमें सबसे अधिक ट्रैफिक चालान के 1764 मामले थे। इसी तरह बीस कोर्ट में लंबित साल पुराने दो मामले एवं दस साल पुराने 28 मामले को भी निपटारा किया गया। लोक अदालत में निपटाए गए मामलों में बेंक से जुड़े 622 मामले थे जिसमें दो करोड़ 23 लाख 24 हजार 555 समझौते की राशि तय हुई। इसी तरह मोटरयान दुर्घटना के 20 मामले का निपटारा हुआ जिसमें समझौता राशि एक करोड़ 60 लाख 60 हजार तय की गई। इसी तरह 312 क्रिमिनल केस, एक केस एनआई एक्ट, 130 केस मनी रिकवरी, तीन केस चाईलड लेबर, पारवारिक विवाद के छह केस, दीवानी मामले के एक के साथ बिजली के 128 का निपटारा छह लाख 41 हजार 249 रुपए की समझौते की राशि तय कर हुई। इसके पहले राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन समारोह का आयोजन हुआ। इसमें प्रधान जिलाजज कन्हैयाजी चौधरी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पदाधिकारियों ने लोक अदालत को लेकर कई अहम जानकारियां दी। इसके बाद न्यायिक कार्यों की शरुआत हुई। अदालत की कार्रवाई के लिए अलग-अलग मामलों के 18 बेंच बनाए गए थे। वहीं ट्रैफिक चालान के लिए दो बेंच के साथ एक दर्जन काउंटर बनाए गए थे जिसमें परिवहन एवं यातायात विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। यहां देर शाम तक लोगों की भीड़ लगी रही। चालान में छूट को लेकर कई लोगों ने राशि जमा करने के बाद राहत महसूस की। इस दौरान प्रधान जिलाजज स्वयं लोगों के बीच मौजूद रहकर उनकी समस्याओं को सुनकर अधिकारियों को समाधान का निर्देश देते नजर आए। उधर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुनील कुमार भी पूरे परिसर में बेंच की कार्रवाई को सुगम बनाने में जुटे थे और कर्मियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। पूरे न्यायालय परिसर में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जगह-जगह पुलिस के जवान मौजूद थे। न्यायाल परिसर की ओर आने वाली सभी सड़कों पर पुलिस बल की तैनाती थी और चौक-चाराहे पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। वहीं पक्षकारों की मदद के लिए बने छह हेल्पडेस्क पर मौजूद पारा लीगल वॉलेन्टियर भी तैनात थे। बैंक ऋण से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान बैंक के वरीय अधिकारियों के साथ कई कर्मी मौजूद रहे। अदालती कार्रवाई के लिए गठित बेंच में जिला व अपर सत्र न्यायाधीश देशमुख, जिला व अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार, जिला व अपर सत्र न्यायाधीश मो. ईनाम खान, जिला व अपर सत्र न्यायाधीश शेमा एरम, जिला व अपर सत्र न्यायाधीश बजरंग चौधरी, जिला व अपर सत्र न्यायाधीश विक्रम कुमार, जिला व अपर सत्र न्यायाधीश धमेन्द्र कुमार, सबजज रंजय कुमार, सीजेएम रोमी कुमारी, एसीजेएम प्रमोद रंजन, एसडीजेएम रंजना दूबे, न्यायिक दंडाधिकारी राजू कुमार साह, पीयुष चावला, अक्षय नारंग, कमलेश कुमार, शिवांग श्रीवास्तव, मो. कमारान, पंकज कुमार के साथ कई अधिवक्ता की प्रतिनियुक्ति की गई थी.
धमदाहा में बैंक ऋण और ट्रैफिक चालान मामलों का समझौते के आधार पर निपटारा
धमदाहा, एक संवाददाता।
अनुमंडल कार्यालय परिसर धमदाहा में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 123 मामलों का निष्पादन किया गया। लोक अदालत में सबसे अधिक मामले विभिन्न बैंकों से जुड़े ऋण विवादों के रहे, जबकि ट्रैफिक नियम उल्लंघन से संबंधित मामलों का भी मौके पर निपटारा किया गया।
लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के कुल 113 मामलों का निष्पादन हुआ। इन मामलों में एक करोड़ 65 लाख 56 हजार 912 रुपये की बकाया राशि का दावा किया गया था, जिसका सेटलमेंट एक करोड़ 10 हजार 833 रुपये में किया गया। वहीं बैंकों को कुल 20 लाख 12 हजार 408 रुपये की राशि की वसूली भी हुई। सबसे अधिक मामले भारतीय स्टेट बैंक के रहे। बैंक ने 65 मामलों में 50 लाख 26 हजार 993 रुपये का दावा प्रस्तुत किया था। सभी मामलों का सेटलमेंट 25 लाख 28 हजार 330 रुपये में हुआ, जिसमें बैंक ने 17 लाख 95 हजार 438 रुपये की राशि रिकवर की। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 42 मामलों का भी निष्पादन किया गया। बैंक ने 27 लाख 80 हजार रुपये के बकाये का दावा किया था, जिसका सेटलमेंट 8 लाख 91 हजार रुपये में हुआ। इनमें बैंक को 5 लाख 9 हजार रुपये की वसूली हुई। पंजाब नेशनल बैंक के दो मामलों में 90 हजार 151 रुपये के दावे के विरुद्ध समझौते के बाद 35 हजार रुपये की वसूली हुई। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा के एक मामले में 62 हजार 73 रुपये के बकाये का सेटलमेंट 35 हजार रुपये में हुआ, जिसमें 50 हजार 970 रुपये की वसूली की गई। लोक अदालत में ट्रैफिक नियम उल्लंघन से जुड़े 10 मामलों का भी निष्पादन किया गया। धमदाहा थाना पुलिस ने हेलमेट नहीं पहनने से संबंधित मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 8500 रुपये जुर्माना राशि वसूल की। इस बार लोक अदालत में आपराधिक, बिजली बिल या टेलीफोन विभाग से जुड़े कोई मामले सामने नहीं आए.
बायसी में राष्ट्रीय लोक अदालत में 79 मामलों का निष्पादन, करीब 14 लाख रुपये की रिकवरी
बायसी, एक संवाददाता।
अनुमंडल मुख्यालय परिसर बायसी में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 79 मामलों का निष्पादन किया गया। लोक अदालत में विभिन्न बैंक ऋण मामलों समेत अन्य विवादों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निपटारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सब जज कुमारी सरोज कृति, मुंसफ मो. कमरुल जमा, एसडीएम अभिषेक रंजन, एसडीपीओ जितेंद्र पाण्डेय, नगर पंचायत मुख्य पार्षद प्रतिनिधि कुर्बान अली एवं बीडीओ सुरेन्द्र तांती ने दीप प्रज्वलित कर किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अनुमंडल परिसर में दो बेंच का गठन किया गया। पहले बेंच का नेतृत्व सब जज कुमारी सरोज कृति तथा दूसरे बेंच का नेतृत्व मुंसफ मो. कमरुल जमा ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सब जज कुमारी सरोज कृति ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना तथा लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करना है। उन्होंने कहा कि सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान होने से लोगों को समय और धन दोनों की बचत होती है। एसडीएम अभिषेक रंजन ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत विवादों को आपसी समझौते से सुलझाने का एक वैकल्पिक और प्रभावी मंच है। यहां चेक बाउंस, बैंक वसूली, ट्रैफिक चालान, वैवाहिक विवाद समेत कई मामलों का नि:शुल्क और त्वरित निपटारा किया जाता है। मुंसिफ मो. कमरुल जमा ने बताया कि बैंक से जुड़े 41 मामलों में 22 लाख 7 हजार 120 रुपये के दावे के विरुद्ध समझौता कराया गया, जिसमें 13 लाख 95 हजार 651 रुपये की रिकवरी हुई। इन सभी मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। इसके अलावा अन्य मामलों को मिलाकर कुल 79 विवादों का निपटारा हुआ.


