Purnia News: सात दिनों से मेहरबान मानसून: 200 मिमी बारिश से जिले में धान रोपनी ने पकड़ी रफ्तार
Purnia News: पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार सक्रिय मानसून किसानों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आया है।

Purnia News: पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार सक्रिय मानसून किसानों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आया है। बीते सात दिनों के दौरान जिले में करीब 200 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जिससे धान की रोपाई कार्य में तेजी आ गई है। बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त जलभराव और नमी बनी हुई है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में अब तक लगभग 10 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई पूरी कर ली गई है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश ने न केवल कृषि कार्यों को गति दी है, बल्कि लोगों को भी भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई है। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे मौसम सुहावना बना रहा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो इस बार धान की खेती का रकबा लक्ष्य के अनुरूप पूरा होने की उम्मीद है。
एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य:
जिले में इस वर्ष करीब एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिलहाल रोपाई का कार्य शुरुआती चरण में है, लेकिन लगातार हो रही वर्षा के कारण खेतों की तैयारी तेजी से हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान परिवार सुबह से शाम तक धान की रोपाई में जुटे हुए हैं। कई गांवों में खेतों में महिलाओं और पुरुषों की टोली रोपनी कार्य में लगी दिखाई दे रही है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई वर्षा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। किसान शंकर झा ने बताया कि जून माह में बारिश की कमी के कारण खेतों की सिंचाई के लिए पंपसेट और डीजल का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे खेती की लागत बढ़ रही थी। लेकिन पिछले सात दिनों से लगातार हो रही बारिश ने खेतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध करा दिया है। अब रोपाई कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी बच रहा है। किसान ब्रज किशोर भारती ने कहा कि अच्छी वर्षा होने से खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे धान के पौधों की बढ़वार भी बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि यदि अगले कुछ सप्ताह तक मौसम अनुकूल रहा तो इस बार धान की अच्छी उपज मिलने की उम्मीद है।
वैज्ञानिक खेती पद्धति को अपनाने की अपील:
कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से मौसम का पूरा लाभ उठाने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि किसान समय पर धान की रोपाई पूरी करें तथा उन्नत किस्म के बीज, संतुलित उर्वरक और वैज्ञानिक खेती पद्धति को अपनाएं। इससे उत्पादन लागत कम होगी और पैदावार में वृद्धि होगी। विभाग ने यह भी कहा है कि खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि अत्यधिक वर्षा की स्थिति में फसल को नुकसान न पहुंचे। मानसून की लगातार सक्रियता से जिले के कृषि क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है। खेतों में बढ़ी रौनक और किसानों की व्यस्तता यह संकेत दे रही है कि इस बार धान उत्पादन के मामले में पूर्णिया जिला बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। किसानों को अब उम्मीद है कि मौसम का साथ मिलता रहा तो इस वर्ष धान की फसल अच्छी होगी और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।


