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नई तकनीक : खेतों में दिखी ड्रोन की उड़ान

नई तकनीक : खेतों में दिखी ड्रोन की उड़ान

संक्षेप:

-खेती-बाड़ी : -30purn60-फोटो:- मक्का एवं आलू की फसल में स्प्रे के लिए तैयार ड्रोन। ----- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता पूर्णिया जिले में आधुनिक कृषि

Dec 31, 2025 12:59 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता पूर्णिया जिले में आधुनिक कृषि तकनीक का असर अब खेतों में साफ दिखाई देने लगा है। परोरा-काझा इलाके में इन दिनों ड्रोन की उड़ान किसानों के लिए उम्मीद और राहत का संदेश लेकर आई है। मक्का और आलू की फसलों पर ड्रोन से किए जा रहे स्प्रे ने किसानों को कम समय, कम लागत और बेहतर परिणाम का भरोसा दिलाया है। मंगलवार को काझा क्षेत्र में 35 एकड़ भूमि में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक व पोषक तत्वों का छिड़काव किया गया, जबकि इससे पहले सोमवार को 30 एकड़ में सफलतापूर्वक स्प्रे किया गया था। कृषि विभाग के अनुसार, परोरा-काझा इलाके में मक्का फसल पर लगातार ड्रोन से स्प्रे की योजना बनाई गई है।

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क्षेत्र में अधिक नमी, ठंड और धूप की कमी के कारण मक्का में कीट व रोग लगने की आशंका बढ़ गई थी। ऐसे में ड्रोन तकनीक किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है। वहीं, आलू की फसल को लेकर भी बड़ी योजना तैयार की जा रही है। लगातार ठंड और पाला गिरने की आशंका के बीच ड्रोन से समय पर स्प्रे होने से आलू की फसल को पाले के दुष्प्रभाव से निजात मिलने की उम्मीद है। ड्रोन से स्प्रे का सबसे बड़ा फायदा समय और लागत की बचत है। जहां पारंपरिक तरीकों से एक एकड़ खेत में स्प्रे करने में घंटों लग जाते थे, वहीं ड्रोन मात्र 10 मिनट में एक एकड़ खेत में समान रूप से छिड़काव कर देता है। किसानों को इसके लिए केवल 209 रुपये प्रति एकड़ का खर्च उठाना पड़ रहा है, जो आम छिड़काव की तुलना में काफी किफायती है। यही वजह है कि किसान ड्रोन को ‘खेतों में भगवान का दूत’ बता रहे हैं। ड्रोन स्प्रे की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक जय किशन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को आवेदन के लिए केवल डीबीटी रजिस्ट्रेशन नंबर देना अनिवार्य है, इसके अलावा किसी अन्य दस्तावेज की जरूरत नहीं है। एक किसान अधिकतम 15 एकड़ तक के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अन्य प्रखंडों से भी लगातार आवेदन आ रहे हैं और प्राप्त आवेदनों के अनुसार ड्रोन की व्यवस्था कर स्प्रे कराया जाएगा। कुल मिलाकर ड्रोन तकनीक ने खेती को नई दिशा दी है। कम लागत, कम समय और बेहतर फसल सुरक्षा के कारण किसानों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।