Purnia News: नाग पंचमी पर विषहरी स्थान में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजा परिसर
Purnia News: मीरगंज, एक संवाददाता। नाग पंचमी के अवसर पर सोमवार को मीरगंज क्षेत्र के रंगपुरा दक्षिण पंचायत स्थित विषहरी स्थान में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

Purnia News: मीरगंज, एक संवाददाता। नाग पंचमी के अवसर पर सोमवार को मीरगंज क्षेत्र के रंगपुरा दक्षिण पंचायत स्थित विषहरी स्थान में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अहले सुबह से ही आसपास के गांवों से महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर विषहरी माता की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। नाग पंचमी पर विषहरी स्थान में वर्षों से चली आ रही हाथ उठाने की परंपरा श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाथ उठाकर अपनी आस्था प्रकट की। कई श्रद्धालु मन्नत पूरी होने की कामना लेकर पहुंचे, जबकि कुछ श्रद्धालु ने मनोकामना पूरी होने पर माता के दरबार में पूजा-अर्चना की। महिलाएं सज-धजकर पूजा की थाली, फूल, प्रसाद एवं अन्य पूजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंचीं। पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। विषहरी माता के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। मंदिर कमेटी के उपाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि नाग पंचमी पर हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हाथ उठाने की परंपरा वर्षों पुरानी है और लोगों की इसमें गहरी आस्था है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की गई थी। भीड़ को नियंत्रित रखने में स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया। पूरे दिन पूजा-अर्चना और जयकारों से विषहरी स्थान का माहौल भक्तिमय बना रहा।
गांवों में बिषहरी पूजा की तैयारी, नाग पंचमी पर दिखेगी लोक आस्था की झलक
जलालगढ़, एक संवाददाता।
नाग पंचमी को लेकर जलालगढ़ प्रखंड के विभिन्न गांवों में बिषहरी पूजा की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। डोकरैल, हरचंदपुर और चक डोकरैल पंचायत के वार्ड संख्या दो सहित कई गांवों में नाग पंचमी पर मां बिषहरी की पूजा स्थानीय परंपराओं के अनुसार की जाएगी। पूजा को लेकर ग्रामीणों और युवाओं में खासा उत्साह है। पूजा स्थल पर मां बिषहरी की प्रतिमा स्थापित कर पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दौरान मंजू साह द्वारा मां बिषहरी के मंत्रों का उच्चारण किया जाएगा। श्रद्धालु पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां बिषहरी की आराधना करेंगे। बिषहरी पूजा के दौरान युवाओं द्वारा पारंपरिक रूप से हाथ चलाने की रस्म भी निभाई जाती है। स्थानीय लोग इस रस्म को आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा से जोड़कर देखते हैं। पूजा को लेकर गांवों में अभी से तैयारी शुरू हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, डोकरैल सहित पूर्णिया और सीमांचल के विभिन्न क्षेत्रों में नाग पंचमी पर बिषहरी पूजा की अलग-अलग लोक परंपराएं प्रचलित हैं। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीण लोक संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं की पहचान भी है.


