
‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के उद्घोष गूंजा कथा स्थल
बैसा, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के अनगढ़ हाट में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस कथा स्थल पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रातः से ही श्रद्धालुओं के
बैसा, एक संवाददाता।प्रखंड क्षेत्र के अनगढ़ हाट में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस कथा स्थल पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रातः से ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी रहा और पूरा पंडाल भक्तों से खचाखच भर गया। कथा व्यास की भावपूर्ण विवेचना ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अत्यंत प्रसन्न, भाव-विभोर कर दिया। ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की सहभागिता ने आयोजन को भव्य बना दिया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास साध्वी मेरुदेवा भारती ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अर्धरात्रि को कारागार में हुआ। यह दर्शाता है कि जब मानव का मन वासना, भय और मोह की जेल में बंद हो जाता है।
जब अज्ञान अपने चरम पर होता है, कंस जैसे अत्याचारी के शासन में जब सत्ता अहंकार से अंधी हो जाती है। जब परिस्थितियां सबसे अंधकारमय होती हैं, तभी ईश्वर का प्रकटीकरण होता है। कृष्ण जन्म का जयघोष होते ही पूरा पंडाल नृत्य, भजन और हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठा। श्रद्धालु झूमते-नाचते दिखाई दिए, अनेक स्थानों पर आनंद के स्वर में ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के उद्घोष गूंजने लगे। कथा व्यास ने आगे कहा की कृष्ण जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि वह आंतरिक चेतना का जागरण है। जब मन का कारागार टूटता है, अहंकार का कंस मरता है और पूर्णगुरु के माध्यम से भक्ति का जन्म होता है, तभी व्यक्ति के हृदय में कृष्ण प्रकट होते हैं। आज भी कृष्ण का जन्म आपके घट में हो सकता है, शर्त यह है कि जीवन में एक पूर्ण गुरु का सान्निध्य हो।

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