
मकर संक्रांति त्योहार पर घर से लेकर मंदिरों तक पूजा अर्चना
-श्रद्धालुओं में रहा उत्साह का वातावरण, श्रद्धा के साथ मनाया पर्व पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। श्रद्धालुओं ने घर से लेकर मंदिरों तक पूजा अर्चना मक
पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। श्रद्धालुओं ने घर से लेकर मंदिरों तक पूजा अर्चना मकर संक्रांति त्योहार मनाया। सुबह होने के साथ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर स्नान ध्यान किया और घरों में पूजन पाठ किया। पूजन सामग्री का चढ़ावा चढ़ाया। कई स्थानों पर दही-चुड़ा का भोज भी चला। मकर संक्रांति को लेकर मंदिरों में मां पूरणदेवी मंदिर, पूर्णिया सिटी काली मंदिर, लाइन बाजार शिव मंदिर, गोकुलसिंह ठाकुरबाड़ी स्थित दुर्गा मंदिर,शिव मंदिर, शनि मंदिर, हनुमान मंदिर सभी स्थलों पर श्रद्धालुओं ने पूजन पाठ किया। इनके अलावा शहर के चर्चित मंदिरों में भट्टा काली मंदिर, लखन चौक स्थित पुलिस ठाकुरबाड़ी मंदिर, मधुबनी शिवालय, मधुबनी हनुमान मंदिर, पॉलिटेक्निक चौक स्थित शिव मंदिर आदि स्थानों पर मंदिरों में मकर संक्रांति को लेकर पूजा अर्चना की गई।
यहां मंदिरों में सुबह से श्रद्वालुओं का आना जाना शुरु हो गया। इसके उपरांत श्रद्वालुओं ने मकर संक्रांति का पर्व मनाया। -एकादशी व्रत पर श्रद्दालुओं ने की पूजा: -एकादशी का व्रत भी होने के कारण कई श्रद्वालुओं ने स्नान ध्यान कर एकादशी का पर्व मनाया। सुबह स्नानादि के उपरांत उपवास किया और शाम ढ़लने के साथ पूजा अर्चना कर एकादशी व्रत तोड़ा। मां पूरणदेवी मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुबोध मिश्र ने बताया कि एकादशी का व्रत महान होता है। इस पर्व का कई रूप में लाभ होता है। इस पर्व को पूरी निष्ठा के साथ श्रद्वालु करते हैं। बुधवार को जहां श्रद्वालुओं ने मकर संक्रांति पर पूजा अर्चना की वहीं एकादशी का पर्व भी मनाया। ----- -विधायक ने मकर संक्रांति का पर्व सामाजिक समरसता के रूप में मनाया : -फोटो- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। विधायक विजय खेमका द्वारा बुधवार को कलाभवन में आयोजित मकर संक्रांति महोत्सव इस वर्ष केवल पर्व नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सनातन चेतना और सामाजिक समरसता का महोत्सव बनकर सामने आया। पंडाल के चारों ओर स्वाधीनता संग्राम के महानायकों और राष्ट्रनिर्माताओं की तस्वीरें एवं प्रेरक विचार प्रदर्शित थे, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। इन चित्रों ने विशेष रूप से युवाओं में राष्ट्रप्रेम, त्याग और सेवा की भावना को जागृत किया। नारी शक्ति और मातृ शक्ति की भूमिका को भी प्रमुखता से दर्शाते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे शंख ध्वनि के साथ हुआ। विधायक विजय खेमका ने साधु-संतों, धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में तिरंगा पतंग व भगवा गुब्बारे आकाश में उड़ाकर मकर संक्रांति एवं दही-चूड़ा भोज का शुभारंभ किया। विधायक विजय खेमका ने स्वयं पंक्ति में खड़े होकर लोगों के बीच दही-चूड़ा और तिलकुट परोसा तथा सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाए दीं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




