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सीओ के फर्जी हस्ताक्षर कर नाजिर ने उड़ाए 24 लाख, प्राथमिकी दर्ज

सीओ के फर्जी हस्ताक्षर कर नाजिर ने उड़ाए 24 लाख, प्राथमिकी दर्ज

संक्षेप:

-कलंक कथा - -आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस मामले की कर रही जांच -जिला प्रशासन व राजस्व विभाग में हड़कंप, और भी हो सकते हैं शामिल रूपौली, एक संव

Jan 20, 2026 12:54 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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रूपौली, एक संवाददाता। रूपौली अंचल कार्यालय में वित्तीय अनियमितता और जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है। तत्कालीन अंचल नाजिर सह निम्न वर्गीय लिपिक शिशिर कुमार पर अंचल अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी बैंक खाते से 24 लाख 27 हजार 840 रुपये गबन करने का आरोप लगा है। इस संबंध में रूपौली की अंचलाधिकारी शिवानी सुरभी के आवेदन पर रूपौली थाना में कांड संख्या 04/26 दर्ज की गई है। इतनी बड़ी राशि के गबन की खबर फैलते ही जिला प्रशासन और राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस खेल में विभाग के कुछ अन्य कर्मियों की भी मिलीभगत है।

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फिलहाल पुलिस मामले की गहन छानबीन कर रही हैं। -मामले का खुलासा: -मिली जानकारी के अनुसार अंचल कार्यालय रूपौली में कार्यरत निम्न वर्गीय लिपिक सह तत्कालीन अंचल नाजिर शिशिर कुमार वर्तमान में अनुमंडल कार्यालय धमदाहा में पदस्थापित है। अभी तक रुपौली अंचल नजारत का प्रभार नहीं दिया है। प्रभार देने में काफी विलंब होने के कारण अंचलाधिकारी शिवानी सुरभी के द्वारा पत्राचार भी किया गया है। इधर जब सीओ शिवानी सुरभी ने सैरात का रूपया की जांच को लेकर बैंक से स्टेटमेंट निकली तो रुपया कम देख भौचक रह गई। वहीं जब ट्रांजिक्शन का जांच किया तो चेक से फर्जी निकासी का मामला सामने आया। -जांच में खुला राज,चेक पर जाली दस्तखत: -अंचलाधिकारी शिवानी सुरभी ने जब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में स्थित अंचल कार्यालय के खाता संख्या 2363875409 का स्टेटमेंट खंगाली, तो उनके होश उड़ गए। एक अप्रैल 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच की अवधि में भारी वित्तीय अनियमितता पाई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी निम्न वर्गीय लिपिक सह तत्कालीन अंचल नाजिर शिशिर कुमार ने बड़ी चतुराई से सीओ के फर्जी हस्ताक्षर किए और चेक के माध्यम से कुल 24 लाख 27 हजार 840 रूपये की फर्जी निकासी कर ली। अकेले बैंक ट्रांसफर ही नहीं, बल्कि आरोपी ने लाखों रुपये की नकद निकासी भी की है। एफआईआर के मुताबिक आरोपी शिशिर कुमार के द्वारा स्वयं स्वीकार किया है कि उनके द्वारा अंचलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग कर यह राशि निकासी किया गया है। जब अंचलाधिकारी ने उक्त अवधि में उक्त खाता से किए गए इस संदेहास्पद लेन-देन के संबंध में रोकड़ बही और अन्य साक्ष्य मांगे, तो आरोपी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं नहीं किया गया। -पुलिस ने दर्ज की एफआईआर: -अंचलाधिकारी के आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं 338, 336(3), 340(2), 316(4) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला धोखाधड़ी, जालसाजी और लोक सेवक द्वारा विश्वासघात से जुड़ा है। वर्तमान में आरोपी निम्न वर्गीय लिपिक धमदाहा अनुमंडल कार्यालय में पदस्थापित बताया जा रहा है। -बोले अधिकारी:- -अंचल कार्यालय के खाते से फर्जी तरीके से बड़ी राशि की निकासी की गई है। प्रथम दृष्टया यह पूर्णतः गबन और जालसाजी का मामला है। पुलिस को पेन ड्राइव और अन्य साक्ष्य सौंप दिए गए हैं। -शिवानी सुरभी, अंचलाधिकारी, रूपौली। ---- -बोले अधिकारी : -अंचल अधिकारी के द्वारा दिए गए आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले को लेकर साक्ष्य भी दिया गया है। तत्कालीन अंचल नाजिर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। -संदीप गोल्डी,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, धमदाहा। -----