श्रमिकों की मौत में जोड़ : फेफड़ों में डस्ट जाने से सिलिकोसिस बीमारी : चिकित्सक
पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिला टीबी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. दिनेश कुमार बताते हैं कि फेफड़े में किसी त

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिला टीबी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. दिनेश कुमार बताते हैं कि फेफड़े में किसी तरह का डस्ट जाने से सिलिकोसिस बीमारी हो जाती है। यह फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है। यह बीमारी सांस के जरिए सिलिका के महीन धूल कणों को फेफड़ों के अंदर जाने से होती है। इससे फेफड़ों में इम्पलाईमेशन होता है। इससे लोकल इम्युनिटी कमजोर हो जाता है। ऐसे में टीबी भी हो सकती है। इस परेशानी में लोगों के इम्युनिटी के उपर निर्भर करता है। किसी की इम्युनिटी मजबूत होगा तो देर से परेशानी सामने आयेगी। किसी का कमजोर होगा तो तुरंत परेशान दिखने लगेगा।
सिलिकोसिस फेफड़ों की एक लाइलाज और गंभीर व्यावसायिक बीमारी है। यह मुख्य रूप से खदानों, निर्माण स्थलों और पत्थर की घिसाई (क्रिस्टलीय सिलिका धूल) में काम करने वाले श्रमिकों को प्रभावित करती है, जिसमें धूल के कण फेफड़ों में जमा होकर उसे स्थायी रूप से नुकसान पहुंचाते हैं।-------मुआवजे देने की चल रही कार्रवाई :------पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।कसबा प्रखंड के गुरही पंचायत में चार श्रमिकों की मौत से श्रम अधीक्षक जगन्नाथ पासवान ने मृतक के घर जाकर आवश्यक जांच किया। इस संबंध में श्रम अधीक्षक ने बताया कि चार श्रमिकों की मौत हो जाने से परिजनों को सांत्वना देने के साथ मुआवजा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई किया गया। श्रमिकों की इंश्योरेंस पॉलिसी की जानकारी ली जा रही है। इसके अलावा अन्य आवश्यक जानकारी लेकर मुआवजा के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगा। तीन सदस्यीय पदाधिकारी की टीम आवश्यक जांच कर रही है। मृतकों की मुआवजा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


