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पूर्णिया

दुर्दांत अपराधियों और उनके परिजनों पर जनता जनार्दन का ‘आस्था

हिन्दुस्तान टीम,पूर्णियाPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 10:50 PM
दुर्दांत अपराधियों और उनके परिजनों पर जनता जनार्दन का ‘आस्था

पूर्णिया। हिन्दुस्तान संवाददाता

पंचायत चुनाव 2021 में जनता ने कई दुर्दांत अपराधियों के परिजनों को भी जीत का सेहरा पहना कर अपनी आस्था जताया है । यही वजह है कि उत्तर बिहार के कुख्यात दुर्दांत अपराधी दिवंगत बुच्चन यादव की पत्नी मुखिया तो केंद्रीय कारा में हत्या के मामले में बंद कुख्यात अपराधी सौरभ यादव की पत्नी पंचायत समिति सदस्य निर्वाचित हुई हैं । बताया जाता है कि पंचायत चुनाव में जीत की लड़ाई को लेकर ही बीकोठी प्रखंड के रघुवंश नगर अंतर्गत मोजम पट्टी गांव में वर्चस्व की लड़ाई दो पक्षों के बीच शुरू हुई थी । देखते ही देखते एक दशक में एक दर्जन से अधिक लोगों की ताबड़तोड़ हत्या हो गई । इस दौरान दो पक्षों के बीच की लड़ाई में कई निर्दोष की हत्या भी हुई। दो पक्षों के वर्चस्व की लड़ाई में मोजम पट्टी गांव में लगने वाले स्थानीय हाट पर भी इसका साया इस कदर पड़ा कि कई साल बीतने के बावजूद भी दोबारा हाट नहीं लग पाया है । हॉट के अंदर ही हुए डबल हत्याकांड हो ताबड़तोड़ गोलीबारी की घटना को अभी भी लोग याद कर सिहर जाते हैं। अभी भी शाम ढलने के बाद गांव में किसी चार चक्का वाहन के प्रवेश करने पर लोग सकते में आ जाते हैं और सावधान की मुद्रा में तैयार होकर आगे की रणनीति भागने को लेकर बनाने लगता है। पुलिस अधीक्षक दयाशंकर के नेतृत्व में गठित की गई पुलिस की टीम के द्वारा दोनों पक्षों के लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया । यही वजह है कि इस बार पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ । मोजम पट्टी समेत आसपास के इलाकों में पहली बार पंचायत चुनाव के दौरान बुंदूके नहीं गरजी हैं।

कई दबंगों ने भी बचाई अपनी प्रतिष्ठा

इस बार के पंचायत चुनाव में अधिकांश नए प्रत्याशियों के द्वारा जीत दर्ज की गई है, लेकिन जिले के कई ऐसे दबंग भी अपनी प्रतिष्ठा दोबारा जीत दर्ज कर बचाने में सफल रहे हैं। बताया जाता है कि कई ऐसे मुखिया के प्रत्याशी भी मैदान में थे, जिनके ऊपर हत्या लूट समेत कई अन्य गंभीर मामले दर्ज थे, लेकिन काफी रस्साकशी के बीच दोबारा अपनी जीत दर्ज की है। हालांकि अंतिम समय तक ऐसे लोगों के चेहरे की रौनक गायब थी। हालांकि, जनता जनार्दन ने दोबारा ऐसे लोगों पर अपनी आस्था जताकर जीत का सेहरा सजा दिया।

कई दबंग प्रत्याशियों ने भी जीता जनता का मन

कई ऐसे भी दबंग प्रत्याशी भी मैदान थे जो जनता के बीच जाकर इस बार का चुनाव अंतिम रहने की बात कह कर आरज़ू मिन्नत करके वोट मांगा। कई प्रत्याशियों ने अपनी पत्नी और भाभी को ही मैदान में उतार दिया था । ताकि वह क्षेत्र में घूम सके। इसके अलावा कई ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के प्रत्याशियों ने अपने रिश्तेदार को ही चुनाव मैदान में उतारा था ताकि उन्हें प्रतिदिन थाना में जाकर हाजिरी लगाने में कोई दिक्कत नहीं हो पाए । यही वजह है कि कई विभिन्न प्रत्याशियों की पत्नी जनता के बीच जाकर वोट मांग रही थी तो उनके पति थाना में जाकर अभी लगाने में व्यस्त रहते थे।

ईवीएम मशीन में लोगों ने खुलकर किया मतदान

ईवीएम मशीन से हो रहे मतदान की वजह से आम लोगों ने खुलकर मतदान किया । इसका नतीजा यह हुआ है कि पिछले बार के पंचायत चुनाव की अपेक्षा इस बार के पंचायत चुनाव में मत प्रतिशत अधिक हैं। कई ऐसे क्षेत्र के लोगों को माकूल नहीं रहने संसाधन की वजह से वह भी मतदान नहीं कर पाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। स्थानीय प्रशासन के द्वारा लोगों को वोटिंग करने को लेकर पूर्व से ही उत्साहित किया जा रहा था और आने जाने के लिए सुगम रास्ता भी तैयार करवाया था।

सास-बहू ने एक साथ दर्ज की जीत

उत्तर बिहार के कुख्यात दुर्दांत अपराधी स्वर्गीय बुच्चन यादव की पत्नी नीलम देवी गौरीपुर पंचायत से 608 वोटों से रानी देवी को मुखिया पद में हराकर जीत का सेहरा अपने नाम किया । वहीं बुच्चन यादव की बहू नीतू कुमारी ने क्षेत्र संख्या 2 से पंचायत समिति के पद पर 652 वोट से जीत दर्ज किया, जबकि नीतू के पति भी हत्या समेत अन्य मामलों में फिलहाल जेल में बंद हैं, लेकिन लोगों ने वोट देकर दोनों सास बहू को जीता कर एक बार फिर आस्था जता दिया है।

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