जीएमसीएच में 100 गार्ड, 200 मीटर पर थाना, फिर भी हंगामा

Newswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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-कार्रवाई में सुस्ती से जीएमसीएच बन रहा है अखाड़ा पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जीएमसीएच में हंगामा हाल के दिनों में बढ़ गया है। पिछले दो दिनों के

जीएमसीएच में 100 गार्ड, 200 मीटर पर थाना, फिर भी हंगामा

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जीएमसीएच में हंगामा हाल के दिनों में बढ़ गया है। पिछले दो दिनों के भीतर ही अस्पताल परिसर हंगामे का गवाह बन गया। अस्पताल में हंगामे की एक बड़ी वजह कार्रवाई में सुस्ती है। कभी पुलिस मामला दर्ज होने के बाद जांच पूरी करने में सुस्त चाल अपनाती है तो कभी अस्पताल प्रशासन हंगामा कर रहे लोगों पर कार्रवाई करने से परहेज कर लेता है। यही वजह है कि असामाजिक लोगों का मनोबल बढ़ता है और शोर-शराबा से डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों की पिटाई तक नौबत पहुंच जाती है। यह दीगर है कि अस्पताल परिसर में आउटसोर्सिग की ओर से 100 से अधिक सुरक्षा गार्ड प्रतिनियुक्त है तो अस्पताल से करीब दो सौ मीटर के फासले पर फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी स्थापित है।

बावजूद लोग बड़े आराम से बवाल काट कर चले जाते हैं। अस्पताल परिसर में आए दिन हो रहे शोर- शराबे एवं मारपीट की घटना से कार्यरत चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्य कर्मी हलकान हैं। काम के वक्त सुरक्षा को लेकर काफी सहमे रहते हैं। बता दें कि पिछले साल के अगस्त महीने में मृतक के जिंदा होने की फैली अफवाह के बाद अस्पताल परिसर रण क्षेत्र में तब्दील हो गया था। मामले में तत्काल प्रतिनयुक्त डॉक्टर के साथ अभद्र सलूक किया था। अस्पताल प्रशासन ने केहाट थाना में एफआईआर दर्ज कराया था। जांच में घटना में शामिल एवं अफवाह फैलाने वाले के कथित तौर पर चेहरे साफ होने के दावे किए गए थे। परन्तु मामले में जांच की दिशा तक को लेकर भी पुलिस के वरीय पदाधिकारी स्पष्ट नहीं है। यह तो महज एक बानगी है, जबकि कई मामले में पुलिस एवं जीएमसीएच प्रशासन एक- दूसरे पर टाल कर इसे ठंडे बस्ते में डाल देते हैं।-बोले जीएमसीएच के अधिकारी:---हाल में जीएमसीएच में कई जटिल ऑपरेशन मुफ्त में हुए। जिसके बाद लगातार दो दिनों से अस्पताल परिसर में हंगामा किया गया। ऐसे ही हंगामे तब- तब किए जाते हैं, जब- जब अस्पताल में मरीजों के लिए कुछ अच्छा किया जाता है। अस्पताल परिसर में होने वाले हंगामे के पीछे मेडिकल दलालों के हाथ होने की संभावना है। पुलिस मामले की तकनीकी व बारीकी से जांच करे तो हंगामे में लाइन बाजार में संचालित संदिग्ध अस्पतालों एवं कथित दलालों की संलिप्तता सामने आ सकती है। रविवार एवं सोमवार को हुए हंगामे को लेकर अस्पताल की ओर से पुलिस को आवेदन दिए गए हैं।-डॉ संजय कुमार, अधीक्षक जीएमसीएच पूर्णिया।-बोले पुलिस पदाधिकारी:----अफवाह फैलाने वाले मामले की समीक्षा की जाएगी। जहां तक कार्रवाई की बात है तो पुलिस अपनी ओर से कार्रवाई कर रही है। एक महिला के परिजन की ओर से की गई हाथापायी की घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। मामले के आरोपियों ने न्यायालय से बेल ले लिया है। सोमवार की घटना को लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।-ज्योति शंकर, एसडीपीओ सदर वन पूर्णिया।

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