14 साल की बच्चियों को मुफ्त लगेगा सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका

Feb 28, 2026 01:10 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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बिहार में स्वास्थ्य विभाग ने सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ 13 लाख किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान को निःशुल्क शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री मोदी इस अभियान का शुभारंभ शनिवार को करेंगे। 14 साल की उम्र की लड़कियों को एक ही खुराक दी जाएगी, जिससे उन्हें इस जानलेवा संक्रमण से सुरक्षा मिलेगी।

14 साल की बच्चियों को मुफ्त लगेगा सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। बेटियों के सुरक्षित और सुनहरे भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ते हुए प्रदेश की 13 लाख किशोरियों के लिए एचपीवी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टीकाकरण अभियान को पूरी तरह निःशुल्क करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अभियान का देशव्यापी शुभारंभ शनिवार को अजमेर राजस्थान से करेंगे। प्रदेश में इस अभियान का शुभारंभ इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से होगा। अभियान के शुभारंभ के मौके पर प्रदेश के प्रत्येक जिलों में लॉचिंग स्थल पर 20 किशोरियों को ग्राडासील टीका लगाया जाएगा।

सिविल सर्जन प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि अभियान के तहत वैसी किशोरियां जिन्होंने अपना 14 वां जन्मदिन मना लिया है, लेकिन अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं। वे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर इस घातक सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सुरक्षा कवच प्राप्त कर सकेंगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब तक अत्यधिक महंगा होने के कारण यह टीका केवल संपन्न परिवारों की पहुंच तक ही सीमित था, लेकिन अब इसे जन-जन के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। यह अभियान पहले जिला स्तर पर फिर प्रखंड स्तर पर भी संचालित किया जाएगा। टीके से रोका जा सकता है एचपीवी कैंसर संक्रमण जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ विनय मोहन ने बताया कि भारत में महिलाओं के बीच सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है। जिसके कारण हर साल हजारों महिलाएं असमय काल के गाल में समा जाती हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में देश भर में करीब 78,499 नए मामले सामने आए और 42,392 मौतें दर्ज की गईं। यह बीमारी मुख्य रूप से एचपीवी संक्रमण के कारण होती है, जिसे समय रहते केवल एक टीके के माध्यम से 93 प्रतिशत तक रोका जा सकता है। बिहार सरकार ने इसे अपनी प्राथमिकता में रखते हुए राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह की सिफारिशों को लागू किया है। जिसके तहत 14 साल की बच्चियों को इस टीके की एक ही खुराक दी जाएगी, जो उन्हें जीवन भर इस जानलेवा संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है। लक्षणों की पहचान और बचाव ही एकमात्र उपाय चूंकि इस कैंसर के शुरुआती चरण में जननेंद्रियों से असामान्य रक्तस्राव या दर्द जैसे कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। बीमारी बढ़ने पर ही वजन कम होना, पैरों में सूजन या पीठ दर्द जैसे संकेत मिलते हैं। ऐसे में बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। विशेषज्ञों का मानना है कि 35 से 45 वर्ष की आयु में जब महिलाएं अपने परिवार और नौकरी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सहारा होती हैं, तब यह बीमारी उन्हें अपनी चपेट में लेती है। टीकाकरण के माध्यम से इस जोखिम को लगभग समाप्त किया जा सकता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म यू-विन से होगी मॉनिटरिंग इस महाभियान को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग डिजिटल प्लेटफॉर्म यू-विन का सहारा ले रहा है। अभिभावक अपनी बेटियों का पंजीकरण घर बैठे या सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर करा सकते हैं। टीकाकरण के पश्चात डिजिटल प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है। इसके लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य होगी। हालांकि, टीके के बाद मामूली दर्द या हल्का बुखार जैसे सामान्य लक्षण दिख सकते हैं, जो दो-तीन दिनों में स्वतः ठीक हो जाते हैं।

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