परशुराम जयंती के अवसर पर शोभायात्रा निकाली
रविवार को परशुराम जयंती के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर चुनापुर स्थित परशुराम मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।पूर्णिया, हिन्दुस्तान संव

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। रविवार को परशुराम जयंती के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर चुनापुर स्थित परशुराम मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर शहर के प्रमुख मार्गों डीएवी चौक, डॉलर हाउस चौक, कचहरी, आरएन साह चौक, भट्ठा बाजार, लखन चौक, रजनी चौक, खीरु चौक, जिला स्कूल रोड, आस्था मंदिर और गिरजा चौक से होती हुई टाउन हॉल तक शोभायात्रा पहुँची। शोभायात्रा में पूर्णिया , चुनापुर, सोसा, मजरा, भूड़ी, हरदा, सतकोदरिया, महेश्वबा, कुकरोंन और विशनपुर, सुखसेना, भटोत्तर समेत नगर निगम के सभी वार्ड के विभित्र इलाकों से हजारों भक्त शामिल हुए। जय परशुराम के गगनभेदी नारों और शंखनाद से पूरा वातावरण भक्तिमय से गुंजायमान हो उठा।
भगवा वस्त्र धारण किए श्रद्धालुओं के हाथों में फरसा और ध्वज के साथ उत्साहित लोगों ने जमकर नारा लगाकर पूरा वातावरण भक्तिमय माहौल से ओतप्रोत कर दिया। इस अवसर पर भगवान परशुराम के साथ भगवान शिव और काली माता की झांकी ने लोगों को आकर्षित कर दिया। इस अवसर पर टाउन हॉल में आयोजित सभा में वक्ताओं ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ा, तब-तब विष्णु ने अवतार लेकर धर्म की रक्षा की और उसी क्रम में परशुराम जी का अवतरण हुआ। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शर्बत, पानी और मिठाइयों की व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर श्रेया मिश्रा एवं कौशल झा के मधुर मैथिली भजनों ने माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। इस अवसर पर ब्रह्मशक्ति के कोर कमिटी के कार्यक्रम सयोंजक डॉ संजीव झा सह सयोंजक अम्ब्रीश झा, कन्हैया झा, अमरनाथ उपाध्याय, पिंटू मिश्रा, निखिल मिश्रा, आशुतोष बसंत, अमित झा बौआ, राहुल झा, नटवर झा, सूरज झा उर्फ़ बमबम झा, दिलखुश झा, राजू झा, सुदर्शन मिश्रा, निलय, आशीष ठाकुर, अजित पाठक, बमबम मिश्रा, संतोष ठाकुर, राजेश झा, नीलाभ झा, लोकेश राज आदि कई लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।..................परशुराम जयंती पर पूर्णिया में शोभायात्रा, उमड़ा जनसैलाबपूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर पूर्णिया में ब्रह्म शक्ति के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा शहर भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। शोभायात्रा चूनापुर शिव मंदिर से निकलकर डॉलर हाउस चौक, कचहरी चौक एवं आर.एन. साह चौक ,लखन चौक रजनी चौक खीरू चौक गिरजा चौक होते हुए टाउन हॉल में संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया और जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। शोभायात्रा में विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ एवं बालाजी सेवा संघ के समर्पित कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान बालाजी सेवा संघ के अध्यक्ष नीतीश बरनवाल एवं विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गोस्वामी गाड़ी के ऊपर से पारंपरिक शस्त्र लहराते हुए नजर आए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि परशुराम जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, स्वाभिमान और शक्ति का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन समाज को एकजुट करने का कार्य करते हैं। बालाजी सेवा संघ के अध्यक्ष ने कहा कि आज युवाओं में सनातन के प्रति बढ़ता उत्साह इस बात का प्रमाण है कि हमारी संस्कृति और परंपरा सुरक्षित हाथों में है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. संजीव कुमार झा उर्फ राकेश रोशन ने कहा कि समाज के सहयोग और संतों के आशीर्वाद से यह भव्य आयोजन सफल हुआ। साथ ही उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संगठनों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन का संचालन परशुराम जयंती के संयोजक डॉ. संजीव कुमार झा के नेतृत्व में किया।.......................श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई भगवान परशुराम जयंतीजलालगढ़, एक संवाददाता।प्रखंड क्षेत्र के आनंद कंद ठाकुरबाड़ी में भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान परशुराम को पुष्पांजलि अर्पित की तथा सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पूजन से हुई। पंडितों ने भगवान परशुराम की पूजा संपन्न कराई, जिसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लिया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में पंडित शिवा पांडे, डॉ. प्रमोद दुबे, गौरी शंकर पांडेय, अनिल जोशी, उपवन दुबे, सदानंद झा, शंकर शर्मा, तुषार पांडे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मौके पर वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे न्याय, धर्म और साहस के प्रतीक थे। उनके जीवन से समाज को सत्य के मार्ग पर चलने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा मिलती है। बताया गया कि भगवान परशुराम जयंती हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ता है, जिसे अक्षय तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है।.........................श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाई ब्रह्मऋषि परशुराम जयंतीहरदा, एक संवाददाता।हरदा क्षेत्र के रहुआ, सतकोदरिया, गंगेली, गोआसी, सहरा, मजरा, हरदा सहित विभिन्न पंचायतों में ब्रह्मऋषि परशुराम जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा भव्य रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। जयघोष और धार्मिक नारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। वहीं दर्जनों श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में रामायण पाठ का आयोजन कर पूजा-अर्चना की। लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को याद करते हुए समाज में धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर पंडित गौरीकांत झा ने ब्रह्मऋषि परशुराम के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके शौर्य, तपस्या और धर्म रक्षा के संदेश को बताया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
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