धर्मपुर चिकनी में सजेगा आस्था का महासंगम
मीरगंज में 16 जून से नवकुंज महायज्ञ, महा संकीर्तन एवं मेले का आयोजन किया जाएगा। पाच दिवसीय धार्मिक महोत्सव में कलश यात्रा, यज्ञ, पूजा और रामधुनी का आयोजन होगा। यह कार्यकम एक लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसमें विशेष सुविधाएं प्रदान की गई हैं।

मीरगंज, एक संवाददाता। धमदाहा प्रखंड अंतर्गत मीरगंज क्षेत्र के चिकनी डुमरिया पंचायत अंतर्गत सुंदर धर्मपुर चिकनी स्थित ब्रह्म बाबा स्थान परिसर में 16 जून से शुरू होने वाले भव्य नवकुंज महायज्ञ, महा संकीर्तन एवं मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन को लेकर पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्साह और श्रद्धा का माहौल है। ग्रामीण दिन-रात एकजुट होकर कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।आयोजन समिति के अध्यक्ष अशोक भगत एवं संयोजक जिला परिषद सदस्य पुष्कर कुमार मिश्रा ने बताया कि पांच दिवसीय धार्मिक महोत्सव का शुभारंभ 16 जून को विशाल कलश यात्रा के साथ होगा।
इसके बाद वैदिक विधि-विधान से यज्ञ, पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। 17 जून से रामधुनी एवं नवकुंज महा संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल और नेपाल से आने वाली कीर्तन मंडलियां भाग लेंगी। 20 जून को भव्य शोभायात्रा एवं प्रतिमा विसर्जन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। समिति के अनुसार आयोजन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, भोजन, विश्राम एवं सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। पूरे आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। संयोजक पुष्कर कुमार मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम में बिहार सरकार की भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह मुख्य अतिथि तथा राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन को सफल बनाने में शायमानंद झा, श्रवण कुमार साह, सुमन झा, वीरेश्वर नारायण झा, संतोष मंडल, दिलीप मंडल, ललन झा, उपेंद्र ऋषि उर्फ बौकू ऋषि, कनिष्क झा उर्फ फूटानी, श्यामवरण झा उर्फ रमन दिग्विजय झा, बिन्देश्वरी मुनि, तिवारी यादव, ज्योतिष चंद्र झा, लालो मंडल, पवन कुमार, सुखदेव शर्मा, बुधन मुनि, पंडित विजय झा, मुखौ राम, दुर्गानंद कर्ण, गुड्डू कुमार पासवान, मुकेश कुमार साह, श्याम झा सहित समस्त धर्मपुर चिकनी ग्रामवासी सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। गांव में चारों ओर भक्तिमय माहौल है ।


