Purnia News: ‘भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा की इच्छा पूरी करने बड़े भाई बलभद्र के साथ रथ पर सवार होकर निकले थे’

हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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Purnia News: -16purn12-पूर्णिया सिटी के पास जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल मेयर विभा कुमारी। पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्णिया सिटी स्थित सौरा नदी तट पर अवस्थि

Purnia News: ‘भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा की इच्छा पूरी करने बड़े भाई बलभद्र के साथ रथ पर सवार होकर निकले थे’

Purnia News: पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्णिया सिटी स्थित सौरा नदी तट पर अवस्थित श्री श्री 108 भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की भव्य एवं आकर्षक रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई। रथ यात्रा मंदिर प्रांगण से निकलकर पूर्णिया जंक्शन, कटिहार मोड़, गुलाबबाग जीरो माईल हांसदा होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण लौटी। वहीं भट्ठा ठाकुरबाड़ी मेला ग्राउंड से पूर्णिया इस्कॉन सेंटर द्वारा भी भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा ठाकुरबाड़ी से रजनी चौक, लखन चौक, कालीबाड़ी चौक, लाईन बाजार चौक, पंचमुखी मंदिर, आस्था मंदिर, आरएन साह चौक सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः ठाकुरबाड़ी में पहुंचकर संपन्न हुई।

महापौर का योगदान

दोनों जगहों से निकाली गई रथ यात्रा में महापौर विभा कुमारी भी शामिल हुईं तथा रस्सी भी खींचा। इस अवसर पर महापौर विभा कुमारी ने मंदिर पंहुचकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर नगरवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति के सदस्यों ने शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। परंपरा के अनुसार महापौर रथ यात्रा के मार्ग में झाड़ू लगाकर सफाई की एवं रथ की रस्सी खींचकर अपनी आस्था प्रकट की तथा नगर वासियों के लिए सुख और समृद्धि की कामना की। रथ यात्रा को लेकर नगर निगम द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं। यात्रा मार्ग की व्यापक साफ-सफाई, ब्लीचिंग पाउडर एवं पानी का छिड़काव कराया गया था। साथ ही श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत दिलाने के लिए नगर निगम की वाटर फॉगिंग मशीन से पानी का भी छिड़काव कराया जा रहा था। महापौर विभा कुमारी ने कहा कि पूर्णिया में वर्षों से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की गौरवशाली परंपरा उसी श्रद्धा और भव्यता के साथ निभाई जा रही है, जैसी पुरी धाम में होती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा की नगर भ्रमण की इच्छा पूरी करने के लिए बड़े भाई बलभद्र के साथ रथ पर सवार होकर निकले थे। तभी से आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन रथ यात्रा निकालने की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि परिवार, प्रेम, अपनापन और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला पर्व है। आज जब रिश्तों की डोर कमजोर होती जा रही है, ऐसे पर्व समाज को जोड़ने और भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान के रथ की रस्सी खींचना प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सौभाग्य का विषय होता है तथा धार्मिक मान्यता है कि इससे पाप और कष्ट दूर होते हैं。

-यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा :

श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर

-- रथ यात्रा के दौरान जंक्शन रोड स्थित पानी टंकी खुश्कीबाग गजमतिया विवाह भवन के समीप महापौर विभा कुमारी की ओर से श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सेवा शिविर लगाया गया, जहां ठंडा पानी, शरबत, जूस एवं अन्य पेय पदार्थों का वितरण किया गया। महापौर स्वयं स्टॉल पर उपस्थित रहकर श्रद्धालुओं की सेवा करती रहीं। इस दौरान वार्ड पार्षद राकेश राय, स्वपन घोष, अर्जुन सिंह, गुलाब हुसैन, राखी कुशवाहा, वार्ड पार्सद प्रतिनिधि ललनेश सिंह, बहादुर यादव, मनोज साह, कुणाल किशोर, शंकर यादव, आशीष पोद्दार, मुरारी झा, काशी चौधरी, फूलो चौधरी, सुंदर झा, दिलीप यादव, अधीर दा, मोली दा, कमोद जी, रमण मास्टर, बिनोद ठाकुर आदि भी उपस्थित रहे। रथ यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व मंदिर प्रांगण में खिचड़ी एवं खीर महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

सामान्य प्रश्न

रथ यात्रा कब निकाली गई?
रथ यात्रा गुरुवार को निकाली गई।
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