निजी अस्पतालों की फायर सेफ्टी जांच शुरू, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बायसी, एक संवाददाता। बायसी अनुमंडल क्षेत्र के सरकारी एवं निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी जांच शुरू कर दी गई है।

बायसी, एक संवाददाता। बायसी अनुमंडल क्षेत्र के सरकारी एवं निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान कई निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में गंभीर खामियां सामने आई हैं। अनुमंडल मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बायसी में अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी शंभू कुमार सिंह के नेतृत्व में अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल कर्मियों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों को अग्निकांड से बचाव और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी शंभू कुमार सिंह ने कहा कि ऑडिट के दौरान अधिकांश निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पाई गई है। कई संस्थानों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) तक प्राप्त नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में अग्नि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
फायर ऑडिट और एनओसी अनिवार्य:
अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा विभिन्न निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का निरीक्षण कर अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। जहां कमियां पाई गई है, वहां अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने ऐसे संस्थानों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित संस्थानों को 15 दिनों के भीतर फायर ऑडिट कराकर एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य होगा। अग्निशमन पदाधिकारी शंभू कुमार सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर फायर सेफ्टी मानकों का अनुपालन नहीं करने वाले निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे संस्थानों को सील भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अहमर हसन, एएनएम कॉलेज के प्राचार्य किंकर घोष, अग्निशमन सहायक अनुमंडल पदाधिकारी तेजू पासवान, विद्या कुमारी, अजय कुमार, फारूक आलम सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अग्निशमन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे.


