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28 नवंबर, 2020|2:10|IST

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कनकई नदी से हो रहा तेज कटाव,दहशत

बायसी अनुमंडल मुख्यालय से मजह चार कि.मी. दूर बायसी प्रखंड के चोपड़ा पंचायत स्थित कनकई नदी के किनारे चकला गांव में कटाव तेज हो गया है। कटाव की रफ्तार देख ग्रामीण गांव से पलायन करने लगे हैं। दस वर्ष में करीब दो कि.मी. तब नदी गांव के अंदर तक कटाव कर चुकी है। जिसके कारण अब तक आधे से अधिक आबादी गांव से पलायन कर चुके हैं। ग्रामीण बदरे आलम बताते हैं कि दो बार उनका घर कटाव की भेट चढ़ चुका है। अब तीसरीबार नदी घर के करीब दस मीटर की दूरी पर पहुंच चुकी है। इसीलिए अपना पक्का मकान को तोड़ कर अब गांव छोड़ कर कदूवा गांव को पलायन कर रहे हैं। वह बताते हंै कि अपने पिता का बहुत नाम था और जमींदार परिवार में उनकी गिनती थी। गांव में उस जमानें में पक्का का बहुत बड़ा घर था लेकिन कनकई नदी ने उसका सबकुछ उजाड़ दिया। हालत यह हो गयी है कि अब उनकी जिंदगी एक खतिहर मजदूर की तरह हो गयी है। और किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा है। ग्रामीण कतुबल आलम कहते हंै कि दो घर कट चुका है अब तीसरीबार नदी करीब आ चुकी है । मात्र 15 मीटर की दूरी पर नदी बह रही है। क्या पता कब नदी कटाव की भेट चढ़ जाए। ग्रामीण नूर आलम बताते हैं कि घर के करीब नदी आ जाने के कारण अपने बीबी बच्चें के साथ रिश्तेदार के घर पर रह रहे हैं। तीन बार घर कटाव तो बना लिया और अब घर कट रहा है ऐसे में न तो पैसा है और न ही अपनी जमीन है। नदी कटाव के कारण इतने गरीब हो गए हैं कि दूसरे के घरों में रहने की मजबूरी है। खुद की चिंता नहीं है बीबी बच्चें की चिंता सता रही है। वही ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ से दो माह पूर्व बाढ़ में कटाव को रोकने कटाव निरोधी कार्य किया गया था जो बहुत बड़ा धोका था। अगर अब कोई भी कटाव रोकने के लिए जियो बैग का काम करने आएगा तो उसे काम नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा जियो बैग से कटाव निरोधी कार्य केवल सरकार को चुना लगाने जैसा है। वही ग्रामीणों ने जिला एवं अनुमंडल प्रसाशन से बोलडर पिचिंग की मांग की है।

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  • Web Title:Fast erosion, panic from Kanakai river