Hindi NewsBihar NewsPurnia NewsEmpowerment and Nutrition Awareness Programs Held for Tribal Community in Jalalgarh
कृषि विज्ञान केंद्र की आजीविका, पोषण और शिक्षा त्रिआयामी पहल

कृषि विज्ञान केंद्र की आजीविका, पोषण और शिक्षा त्रिआयामी पहल

संक्षेप:

कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ ने आदिवासी महिलाओं और पुरुषों के सशक्तिकरण के लिए कार्यक्रम आयोजित किए। इसमें कृषक प्रशिक्षण और पोषण के लाभों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में सत्र आयोजित किए गए।...

Sep 17, 2025 03:41 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया
share Share
Follow Us on

जलालगढ़, एक संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ ने आदिवासी महिला-पुरुषों के सशक्तिकरण और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया। एक ओर अनुसूचित जनजाति योजना के तहत कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहीं दूसरी ओर पोषण माह के अवसर पर एनडी रुंगटा उच्च विद्यालय जलालगढ़ में छात्रों को संतुलित आहार के लाभों से अवगत कराया गया। कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जलालगढ़ प्रखंड के सीमा वैसा गांव से 30 आदिवासी महिलाएं शामिल हुईं। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के. एम. सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम आदिवासी समुदाय को कृषि के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

उन्होंने पोषण वाटिका की स्थापना पर विशेष ध्यान देते हुए गोभी, टमाटर, गाजर, मूली, हरा मटर, सांग, मेथी, बीट रूट, केला, पपीता, अमरूद आदि पौधों की सिफारिश की। महिलाओं को प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे घर पर ही पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियां उगा सकें। .....आजीविका सशक्तिकरण के लिए मशीनरी वितरण: कार्यक्रम में आदिवासी परिवारों को आजीविका सशक्तिकरण को लेकर विद्युत चलित आटा चक्की मशीन निशुल्क प्रदान की गई। इससे महिलाएं घर पर आटा पीसने के साथ-साथ छोटे व्यवसाय की शुरुआत कर सकेंगी। वहीं डॉ. राबिया परवीन और डॉ. संगीता मेहता ने पोषण वाटिका के स्वास्थ्य लाभ, सब्जी लगाने के सही तरीके, कीट प्रबंधन तथा जैविक निदान पर व्याख्यान दिए। अनामिका कुमारी ने कम स्थान में प्रभावी तरीके से सब्जी उगाने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया। .....छात्राओं के बीच जागरूकता अभियान: दूसरी ओर पोषण माह के तहत एनडी रुंगटा उच्च विद्यालय जलालगढ़ में विशेष सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान डॉ. संगीता मेहता और डॉ. राबिया परवीन ने छात्राओं को संतुलित आहार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. संगीता मेहता ने बताया कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन प्रोटीन 120 ग्राम और मिनरल्स 200 ग्राम की आवश्यकता होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पौष्टिक भोजन से ही हम स्वस्थ, निरोग और ऊर्जावान जीवन जी सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों को साग-सब्जी का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। डॉ. राबिया परवीन ने बताया कि संतुलित आहार से कई बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने छात्रों को यह भी निर्देशित किया कि वे अपने घर जाकर पोषण वाटिका स्थापित करें और अपने परिवार में हर दिन हरी सब्जी का सेवन सुनिश्चित करें। इस तरह से बच्चों और परिवार दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार दोनों कार्यक्रमों ने आदिवासी समुदाय और छात्राओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। आदिवासी महिलाएं उत्साहित दिखीं कि वे पोषण वाटिका के माध्यम से अपने परिवार को स्वस्थ रखने के साथ-साथ आय के नए स्रोत भी सृजित कर सकेंगी। छात्राओं ने प्रतिज्ञा की कि वे अपने घर परिवार में संतुलित आहार का अधिक से अधिक प्रचार करेंगी। योजना का उद्देश्य आदिवासी महिला एवं पुरुषों को कृषि से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और जीवन स्तर में सुधार लाना है। यह पहल आदिवासी समुदाय और युवा पीढ़ी को सशक्त बनाकर स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।