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24 नवंबर, 2020|8:47|IST

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चुनाव आयोग की सख्ती, पश्चिम बंगाल में शराब फैक्ट्री बंद.

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पश्चिम बंगाल से लगातार आ रही शराब की खेप पर नकेल लगाने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। इससे पश्चिम बंगाल में बन रहे नकली शराब की कई फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल से लगातार अवैध रूप से शराब की खेप आ रही थी। उत्पाद विभाग ने एक रिपोर्ट मध निषेध विभाग के आईजी को भेजी थी। रिपोर्ट के आलोक में पश्चिम बंगाल के विधाननगर समेत के कई जगहों पर सख्त कार्रवाई की गयी। लाइसेंसी दुकानों को भी बंद करवाया है। अवैघ रूप से शराब बेची जा रही थी। विदेशी नकली शराब की खेप में कमी आई है। उत्पाद अधीक्षक दिनबंधु कुमार ने बताया कि लगातार पश्चिम बंगाल के क्षेत्र की तरफ से शराब आ रही थी। आयोग के निर्देश के बाद वहां के कमिश्नर से बात कर फैक्ट्री को बंद कराने का आदेश दिया गया था। बताया जाता है कि चुनाव आयोग की सख्ती के बाद प्रशासन भी हरकत में आया और बड़े शराब की दुकानों पर कार्रवाई भी की गई है। इसके बाद पश्चिम बंगाल की तरफ से शराब की आमद में काफी कमी आई है। उत्पाद विभाग की टीम के अनुसार उत्तर दिनाजपुर जिला के दालकोला के पास कानकी सुरजापुर के पास से शराब की खेप बिहार भेजी जाती है। सोनापुर बाजार बिधाननगर के पास और बिधाननगर मंडी एवं बाजार समिति के सब्जी मंडी के पास से प्रतिदिन नकली विदेशी शराब की खेप बिहार के जिलों में तस्करों द्वारा भेजी जाती है। टीम ने सिलीगुड़ी चौक के पास तथा बाजार समिति के सब्जी मंडी से शराब की खेप आने को लेकर ऐसे जगहों की सूचित किया था। पश्चिम बंगाल पुलिस भी कार्रवाई कर रही है।

उत्पाद विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस भी 24 घंटे दालकोला चेक पोस्ट पर निगरानी कर रही है। बिहार में चुनाव को लेकर सख्ती बरती गई है। 10 दिन में शराब की खेप को पुलिस की टीम के द्वारा नहीं पकड़ा गया है। बताया जाता है कि चुनाव आयोग के द्वारा कार्रवाई की गई है और अवैध रूप से शराब तस्करों ने अपना अवैध शराब की फैक्ट्री बंद कर दिया है।

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  • Web Title:Election Commission strictly liquor factory closed in West Bengal