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भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा का शुभारंभ : भूकंप के समय घबराने के बजाय धैर्य और पूर्वअभ्यास अधिक कारगर

भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा का शुभारंभ : भूकंप के समय घबराने के बजाय धैर्य और पूर्वअभ्यास अधिक कारगर

संक्षेप:

------ ​पूर्णिया, वरीय संवाददाता। भूकंपीय जोखिम को कम करने और आम जनमानस को सुरक्षित रहने के तरीकों से अवगत कराने के लिए गुरुवार को भूकंप सुरक्षा पखवा

Jan 16, 2026 12:17 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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पूर्णिया, वरीय संवाददाता। भूकंपीय जोखिम को कम करने और आम जनमानस को सुरक्षित रहने के तरीकों से अवगत कराने के लिए गुरुवार को भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा (15 जनवरी से 28 जनवरी) का शुभारंभ किया गया। जिलापदाधिकारी अंशुल कुमार के द्वारा भूकंप सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) एवं एडीएमओ पूर्णिया सहित जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी उपस्थित थे। यह जागरूकता रथ एवं गहन जन-संपर्क कार्य जिला के विभिन्न सुदूर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को भूकंप सुरक्षा से संबंधित ऑडियो-विजुअल संदेशों और पम्फलेट्स के माध्यम से जागरूक करेगा।

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इसका मुख्य उद्देश्य आपदा से सुरक्षा और जानकारी में ही है बचाव के संदेश को घर-घर पहुंचाना है। 15 जनवरी से 28 जनवरी के बीच विभिन्न विद्यालयों में बच्चों के बीच जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। विभिन्न संस्थानों में संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) ने जिला की भौगोलिक संवेदनशीलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भूकंप जैसी आपदाओं के समय घबराने के बजाय धैर्य और पूर्व-अभ्यास अधिक कारगर साबित होते हैं। मौके पर अपर समाहर्ता ( विधि व्यवस्था) ने भूकम्प से पूर्व जगरुकता संवेदनशीलता प्रचार प्रसार को सबसे बड़ा एवं कारगर उपाय बताया। एडीएमओ प्रणव कुमार ने बताया कि पूर्णिया के बनमनखी में भूकंपीय वेधशाला स्थापित की जाएगी। जिला पदाधिकारी के दिशा-निर्देश के आलोक में प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेज दिया गया है। बनमनखी अनुमंडल में भूकंपीय वेधशाला होने से सीमांचल और कोसी दोनों प्रमंडलों को इसका लाभ मिलेगा। संगोष्ठी में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जीविका,राज्य आपदा मोचन बल, आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, रेड क्रॉस के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। ---- -मॉक ड्रिल : जीवन रक्षा का जीवंत प्रदर्शन समाहरणालय परिसर में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ की टीम ने भूकंप के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों का प्रदर्शन किया। -मुख्य प्रदर्शन:-सुरक्षित स्थान का चयन: भूकंप के झटके महसूस होते ही मेज के नीचे छिपने या किसी मजबूत खंभे के पास रहने का अभ्यास। -निकासी योजना:- अफरा-तफरी के बिना भवन से बाहर निकलने का सही तरीका। -प्राथमिक चिकित्सा: घायलों को तुरंत सहायता पहुँचाने और अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया।