Purnia News: घटते चरागाहों से बढ़ा हरे चारे का संकट
Purnia News: मीरगंज क्षेत्र में वर्षा के बावजूद पशुपालकों को हरे चारे का संकट सामना करना पड़ रहा है। पारंपरिक चरागाहों का सिकुड़ना और कृषि विस्तार मवेशियों के लिए हरे चारे की उपलब्धता में कमी ला रहा है। स्थानीय पशुपालकों ने कृषि विभाग से उचित कदम उठाने की मांग की है ताकि पशुओं का स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन बढ़ सके।

Purnia News: मीरगंज, एक संवाददाता। मीरगंज क्षेत्र में वर्षा होने के बावजूद पशुपालकों के सामने हरे चारे का संकट बना हुआ है। गांवों में पारंपरिक चरागाहों का लगातार सिकुड़ना, खाली पड़ी जमीनों पर खेती का विस्तार तथा प्राकृतिक घास की घटती उपलब्धता के कारण मवेशियों के लिए पर्याप्त हरा चारा जुटाना मुश्किल होता जा रहा है। इससे पशुपालकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि पहले गांवों के आसपास पर्याप्त चरागाह और खुले मैदान हुआ करते थे, जहां मवेशियों को आसानी से चरने और हरा चारा मिल जाता था। लेकिन अब अधिकांश खाली भूमि खेती या अन्य उपयोग में आने लगी है।
इसके कारण पशुओं के लिए प्राकृतिक चारे की उपलब्धता लगातार घट रही है। स्थिति यह है कि कई पशुपालकों को अब बाजार से भूसा, चोकर और अन्य पशु आहार खरीदकर मवेशियों का पालन करना पड़ रहा है। इससे पशुपालन की लागत पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है। छोटे पशुपालकों के लिए बढ़ते खर्च के बीच पशुपालन करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। पशुपालकों का कहना है कि हरे एवं पौष्टिक चारे की कमी का असर पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन पर भी पड़ रहा है। पर्याप्त पोषण नहीं मिलने से पशु कमजोर हो रहे हैं और दूध उत्पादन में कमी आने की आशंका बनी हुई है। इससे पशुपालकों की आय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने कृषि एवं पशुपालन विभाग से अधिक उपज देने वाली हरी चारा घास तथा अन्य चारा फसलों की खेती को बढ़ावा देने, किसानों को गुणवत्तापूर्ण चारा बीज उपलब्ध कराने और गांवों के पारंपरिक चरागाहों के संरक्षण एवं विकास के लिए ठोस पहल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते चारा उत्पादन बढ़ाने और चरागाहों को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, तो पशुपालकों को राहत मिलेगी। इससे पशुओं का बेहतर पोषण सुनिश्चित होगा, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी और क्षेत्र में पशुपालन का व्यवसाय भी अधिक मजबूत एवं लाभकारी बन सकेगा।


