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अतिथि शिक्षकों की कमी से पीयू में पठन-पाठन की व्यवस्था हो रही है प्रभावित

हिन्दुस्तान टीम,पूर्णियाPublished By: Newswrap
Tue, 21 Sep 2021 05:20 AM
अतिथि शिक्षकों की कमी से पीयू में पठन-पाठन की व्यवस्था हो रही है प्रभावित

पूर्णिया। हिन्दुस्तान संवाददाता

पूर्णिया विश्वविद्यालय की स्थापना काल से वर्तमान परिदृश्य में छात्र-छात्राओं की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। वही शिक्षकों की संख्या में दिन पर दिन कमी ही होती जा रही है। वर्ष 2018 में छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा 292 अतिथि शिक्षकों की बहाली निकाली गई परंतु विश्वविद्यालय के द्वारा लगभग 125 के आसपास अतिथि शिक्षकों की योगदान कराई गई। वर्तमान में विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षकों की संख्या घटकर 100 से भी कम हो गई है। करीब 93 अतिथि शिक्षक ही कार्यरत है। इस प्रकार लगभग 200 सीट शिक्षकों की रिक्त है, जिससे कहीं न कहीं पठन-पाठन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालांकि पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.आरएन ओझा के द्वारा रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया राज्य सरकार से अनुमति लेकर करने की कवायद शुरू होने की बात कहे जाने के बाद अतिथि शिक्षकों की कमी भी जल्द दूर होने के आसार है। वर्तमान समय में अतिथि शिक्षकों को फरवरी के बाद कोई भी भुगतान नहीं किया गया है जिससे अतिथि शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। अगर समय पर अतिथि शिक्षकों का रिन्यूअल विश्वविद्यालय द्वारा नहीं होता है तो पिछले वित्तीय वर्ष की भांति इस वित्तीय वर्ष में भी अतिथि शिक्षकों को मानदेय के लिए लंबी इंतजार करना पड़ सकता है। कई छात्र संगठनों द्वारा समय-समय पर शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की कमी पर विश्वविद्यालय का ध्यान आकृष्ट कराया गया है। पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में वर्ग तृतीय एवं चतुर्थवर्गीय कर्मियों की हेतु बहाली हेतु आवेदन मंगाए गए थे परंतु सरकार द्वारा रोक लगाने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है। हालांकि अतिथि शिक्षकों के मामले में कुलसचिव डॉ. आरएन ओझा ने बहाली के बाद रिक्त बचे सीटों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। कुलसचिव ने बताया कि इस मामले में राज्य सरकार के मार्गदर्शन का इंतजार किया जा रहा है। अतिथि शिक्षकों की बहाली के वक्त पैनल बनाया गया था। पैनल के आधार पर आरक्षण रोस्टर का अनुपालन करते हुए अतिथि शिक्षकों की बहाली की जायेगी।

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