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भूमि विवाद की वजह से रिश्ते में भी पड़ रहा हैं दरार

हिन्दुस्तान टीम,पूर्णियाPublished By: Newswrap
Mon, 02 Aug 2021 04:31 AM
भूमि विवाद की वजह से रिश्ते में भी पड़ रहा हैं दरार

पूर्णिया। हिन्दुस्तान संवाददाता

जिले में भूमि विवाद दिनों दिन गहराता जा रहा है । यही वजह है कि कई रिश्तो में भी जमीनी विवाद की वजह से दरार आ गए हैं ।आए दिन स्थानीय थाना के पुलिस को भी जमीन विवाद के ही मामले को सुलझाने में अधिक पुलिसकर्मियों को लगाना पड़ रहा है । इस तरह के भूमि विवाद को देखते हुए सरकार के द्वारा प्रत्येक शनिवार को सभी थाना में जनता दरबार लगाकर भूमि विवाद से मामले का निपटारा भी किया जा रहा है। बताया जाता है कि जिले में लगातार हो रही हत्या में भी अधिकांश मामले जमीन विवाद के सामने आ रहे हैं। भूमि विवाद पुलिस के लिए भी चुनौती बनती जा रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद भी भूमि विवाद के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बताया जा रहा है कि इस मामले को पुलिस के वरीय अधिकारी काफी गंभीरता से ले रहे हैं। समाजसेवी आलोक पांडे बताते हैं कि पूर्णिया में भूमि विवाद का मामला काफी दशकों से चलता आ रहा है। इसे तुरंत निपटाना बहुत आसान काम नहीं है। पूर्णिया पूर्व प्रखंड के अंचलाधिकारी जयंत गौतम ने बताया कि जमीनी विवाद के मामले का आवेदन आने के बाद तुरंत उसका निपटारा किया जाता है और जो भी उसमें आवश्यक कार्रवाई होती है तुरंत किया जा रहा है।

...लगान निर्धारण नहीं होने के वजह से भी बढ़ रहे है भूमि विवाद

जिले के शहरी क्षेत्रों के जमीनों का लगान निर्धारण भी पिछले कई दशकों से नहीं हो रहा है । हाल के कुछ महीनों से लगान निर्धारण का शुरू भी हुआ है तो इसकी गति काफी मंथर है। यही वजह है कि भूमि विवाद का कारण भी बनता जा रहा है। कई ऐसे जमीन है जो एक ही लोगों के द्वारा कई लोगों को निबंधित कर दिया गया है। जमीन का म्यूटेशन नहीं होने और अन्य कागजात नहीं रहने की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जब मौके पर प्रशासन पुलिस की टीम भी पहुंचती है तो वह भी इस मामले में उलझ कर रह जाती है कि आखिर सही मायने में जिस जमीन पर विवाद चल रहा है वह जमीन किसकी है । हाल के कुछ महीनों के अपराधिक घटनाओं पर गौर करें तो इनमें से अधिकांश मामले जमीनी विवाद से ही जुड़े होने की बात सामने आ रही है। हालांकि इस बात को पुलिस के वरीय अधिकारी भी मान रहे हैं कि अधिकांश अपराधिक घटनाएं भूमि विवाद की वजह से ही हो रही है । हाल के ही दिनों में एचपी गैस संचालक की गोली मारकर घायल कर दिया गया था। अपराधियों ने दो कट्ठा जमीन विवाद के कारण ही उन्हें गोली मारी थी।

...पूर्णिया पूर्व, केनगर में भूमि विवाद अधिक

एक आंकड़ों पर गौर करें तो पूर्णिया पूर्व, केनगर और और धमदाहा में जमीन विवाद के अधिकांश मामले प्रतिदिन थाना एवं अंचलाधिकारी के पास आते हैं। बताया जाता है कि इनमें से कई ऐसे महंगी जमीन है जिस पर कई लोगों का एक साथ दावा किया जा रहा है। ऐसे में अंचल से लेकर थाना स्तर तक के पदाधिकारियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। पुलिस अधीक्षक के दफ्तर में भी प्रतिदिन जमीन विवाद आवेदन आते रहते हैं । इसे संबंधित थाना को जांच पड़ताल के लिए पुलिस अधीक्षक के द्वारा भेजा जाता है । सिर्फ छुट्टी के दिन को छोड़कर कोई ऐसा दिन नहीं होता है कि पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में जमीनी विवाद को लेकर फरियादी नहीं पहुंचते हैं। पुलिस अधीक्षक दयाशंकर ने बताया कि जमीनी विवाद के मामलों को स्थानीय थाना के पुलिस के द्वारा काफी गंभीरता से लेने को लेकर दिशा निर्देश दिए गए हैं और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

.....रिश्ते में भी पड़ रहा है दरार

जिले में जमीनी विवाद की वजह से रिश्ते में भी दरार पड़ना शुरू हो गया है। कई ऐसे जमीनी विवाद के मामले सामने आए हैं। जिसमें बहन भाई, पिता, पुत्र और अन्य रिश्तेदारों के बीच जमीनी विवाद को लेकर रिश्ते निभाने को लेकर भी तौबा कर लिया गया है। बताया जाता है कि अधिकांश भूमि माफिया ऐसे जमीन पर ही नजर आए रहते हैं जिन जमीन पर उनके बहन का भी हिस्सा होता है । वे लोग अक्सर इस तरह के जमीन को चिन्हित कर बहन से पहले निबंधित करवा लेते हैं। फिर जमीन पर जबरन चढ़ने को लेकर दबाव बनाते हैं । बाद में यह मामला और भी पेचीदा होता चला जाता है। यही वजह है कि कई भाई-बहनों के भी रिश्ते में दरार जमीन की वजह से आया है। कई रिश्ते अब तक तार-तार हो चुके हैं। बताया जाता है कि इसमें सबसे बड़ी वजह है। जमीन की बढ़ती कीमत लोग जमीन के बढ़ते कीमत को देखने के बाद लालच में आ जाते हैं।

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