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28 नवंबर, 2020|5:43|IST

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मत हो उदास सांख्यिकी सेवकों को बिहार सरकार से आस

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कसबा एक संवाददाता।

बिहार में पुन: नीतीश कुमार की सरकार बनने के बाद सांख्यिकी सेवकों के बीच नौकरी की आस जगी है। आचारसहिंता लगने के पूर्व नीतीश कुमार ने पुन: सरकार बनने पर सांख्यिकी सेवकों की मांग पर बिचार करने की बात कहीं थी। बिहार में पुन: नीतीश कुमार की सरकार का गठन के बाद सांख्यिकी सेवक काफी खुश है कि बिहार के दयालू सरकार सांख्यिकी सेवकों का नैया पार जरूर लगायेंगे। बताते चले कि सरकार के लिए आंकड़े जुटाने वाले सांख्यिकी स्वयंसेवक वर्षों से नौकरी के आस में दर दर भटक रहे है। बिहार सरकार ने आंकड़े जुटाने हेतु इंटर गणित या फिर स्टेटिक्स योग्यता वालों से वर्ष 2013 में परीक्षा लेकर एवं परीक्षा में सफल अभ्यार्थियों का मैरिट लिस्ट के आधार पर चयन किया गया था। तभी से सभी चयनित स्वंयसेवक विभाग द्वारा दिये जा रहे कार्य को सही तरीके से करते आ रहे थे। उस समय सभी युवा अभ्यार्थियों को लग रहा था कि सरकार का एक न एक दिन दयादृष्टि होगी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कृपा पड़ते ही एक न एक दिन ये स्वयंसेवक अन्य संविदाकर्मी की तरह लाभ पा सकेंगे। किन्तु सरकार से संविदाकर्मी की तरह सुविधा पाने की आस में कई युवाओं की उर्म्र भी निकल गई। अब ये सांख्यिकी स्वंययेवक क्या करे क्या न करें कि स्थिति में आ गये है। अगर सरकार इनपर दयादृष्टि नहीं देती है तो सबों का जीवन अंधकारमय हो जायेगा। सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग किये है कि अन्य संविदाकर्मी की तरह लाभ देते हुए कार्य दे ताकि हम सांख्यिकी स्वंयसेवकों के घर दोनों पहर चुल्हा जल सके।

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  • Web Title:Do not be sad statistics servants hope for Bihar government