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दिव्यांग बच्चों को पैरों पर खड़ा कर रहा जिला संसाधन केन्द्र

हिन्दुस्तान टीम,पूर्णियाNewswrap
Fri, 03 Dec 2021 04:02 AM
दिव्यांग बच्चों को पैरों पर खड़ा कर रहा जिला संसाधन केन्द्र

पूर्णिया। हिन्दुस्तान संवाददाता

आरक्षी मध्य विद्यालय में चल रहा जिला संसाधन केन्द्र पूर्णिया व कोसी प्रमंडल के दिव्यांग बच्चों के लिए उम्मीद बनकर उभर रहा है। दोनों प्रमंडल के विद्यालयों में नामांकित दिव्यांग बच्चों को कृत्रिम पैर प्रदान कर उन्हें उनके पैरों पर खड़ा कर रहा है। पूर्णिया व कोसी प्रमंडल के सभी जिलों में जिला संसाधन केन्द्र ने दिव्यांग बच्चों को अपने पैर पर खड़ा करने के लिए अब तक तेरह सौ कैलियर व कृत्रिम पैर दे चुका है। जिला संसाधन केन्द्र के कृत्रिम अंग एवं अव्यवव्य निर्माण केन्द्र में कार्यरत तीन इंजीनियर दिव्यांग बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बने हुए है। विभिन्न तरह की थ्रेरेपी के माध्यम से भी दिव्यांग बच्चों की दिव्यांगता दूर करने का प्रयास किया जाता है। इसके साथ ही श्रवणबाधिता मानसिक नि:शक्तता मूकबधिर तुतलाहट व हकलाहट भी वाणी विशेषज्ञ दूर करते हैं।

जिला संसाधन केन्द्र प्रभारी मूकबधिर तुतलाहट हकलाहट विशेषज्ञ डॉ. धीरेन्द्र कुमार बताते है कि वर्तमान समय में वैश्विक महामारी के कारण जिला संसाधन केन्द्र में जिले के विभिन्न विद्यालयों के पांच ही दिव्यांग बच्चे हैं, लेकिन कोरोना काल से पहले पच्चीस दिव्यांग बच्चे, जो जिले के विभिन्न विद्यालयों में नामांकित है, उन्हें कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में रखकर श्रवणबाधिता मानसिक नि:शक्तता मूकबधिर तुतलाहट व हकलाहटता दूर करने का प्रयास किया जाता रहा है। दिव्यांग बच्चों को मशीन व तरह-तरह के व्यायामों से थेरेपी दी जाती है। इसके अलावा कृत्रिम पैर दिव्यांग बच्चों को प्रदान कर अपने पैरों पर जिला संसाधन केन्द्र खड़ा कर रहा है। पूर्णिया व कोसी प्रमंडल के इकलौते प्रोस्फोटिक एवं अर्थोटिक डिपार्टमेंट दोनों प्रमंडल के सरकारी विद्यालयों में नामांकित दिव्यांग बच्चों के लिए आशा का केन्द्र बना हुआ है। कृत्रिम अंग एवं अवयव निर्माण केन्द्र में कार्यरत तीन इंजीनियर पीओई मनीष रंजन, पीओई शरद कुमार व पीओई पुष्कर कुमार दिव्यांग बच्चों के पैर के हिसाब से कृत्रिम पैर मशीन के माध्यम से बनाते है। मौके पर पीओई मनीष रंजन ने बताया कि वर्ष 2013 से स्थापित जिला संसाधन केन्द्र से अब तक पूर्णिया व कोसी प्रमंडल के तेरह दिव्यांग बच्चों को कैलियर व कृत्रिम पैर प्रदान कर चुके है। वहीं जिला संसाधन केन्द्र प्रभारी मूकबधिर तुतलाहट हकलाहट विशेषज्ञ डॉ. धीरेन्द्र कुमार बताते है कि केन्द्र में थेरेपिस्ट पुष्पा कुमारी व मानसिक नि:शक्तता विशेषज्ञ बबीता कुमारी भी पदस्थापित है, जो दिव्यांग बच्चों की दिव्यांगता दूरकर समाज में बराबरी के मुकाबले में दिव्यांग बच्चों को खड़ा करने में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं।

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