जिले में 119421 हेक्टेयर में खरीफ की फसलें, खाद की नहीं कोई कमी

Newswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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-फोटो : 23 : महानंदा सभागार में आयोजित जिला उर्वरक निगरानी समिति की समीक्षा बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधि व अधिकारी। पूर्णिया, वरीय संवाददाता। उप विकास

जिले में 119421 हेक्टेयर में खरीफ की फसलें, खाद की नहीं कोई कमी

पूर्णिया, वरीय संवाददाता।उप विकास आयुक्त सह प्रभारी जिला पदाधिकारी अंजनि कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक महानंदा सभागार में की गई। बैठक में विधायक सदर विजय खेमका, रूपौली विधायक कलाधर मंडल, कसबा के विधायक नितेश कुमार सिंह, सासंद प्रतिनिधि, अमौर व बायसी विधायक के प्रतिनिधि, जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि, जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं जिला कृषि पदाधिकारी उपस्थित थे।

उर्वरक की स्थिति

जिला कृषि पदाधिकारी हरिद्वार प्रसाद चौरसिया द्वारा बताया गया कि खरीफ 2026 में कुल संभावित आच्छादित रकवा 119421 हेक्टेयर है, जिसमें धान 108024 हेक्टेयर, खरीफ मक्का 4014, अन्य फसल 7382 हेक्टेयर है। वर्तमान में पूर्णिया जिला में यूरिया 11676.554 एमटी, डीएपी 13278.939 एमटी, एमओपी 6118.844 एमटी, एनपीके 17593.763 एमटी एवं एसएसपी 6552.601 एमटी है। माह अप्रैल 2026 एवं मई 2026 में अबतक यूरिया 3720 मेट्रिक टन के विरूद्ध 5741.154, डीएपी 1572 मेट्रिक टन के विरूद्ध 237 एमटी, एनपीके 2082 एमटी के विरूद्ध 1595 एमटी, एमओपी 491 MT के विरूद्ध 1255 एमटी एवं एसएसपी- 600 एमटी के विरूद्ध 535 एमटी प्राप्त हुआ है। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा आगे बताया गया की वर्तमान में किसी प्रकार के उर्वरक की कोई कमी नहीं है। अभी किसानों के बीच उर्वरकों की मांग बहुत कम है।

किसानों की आवश्यकताएँ

सदर विधायक द्वारा सुझाव दिया गया कि वर्तमान में एनपीके का भंडार अधिक है, इसके उचित उपयोग के लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कराने की जरूरत है। साथ ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग के बारे में जानकारी किसानों को देते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिये जाने पर बल दिया जाय। कसबा विधायक के द्वारा बताया गया कि नैनो यूरिया एवं डीएपी का उपयोग कितना कामगार है, इसके संबंध में किसानों के खेतों में प्रत्यक्षण कराकर बाकी किसानों को भी इसका प्रयोग से होने वाले फायदा के बारे में बताने की जरूरत है। सदर विधायक द्वारा बताया गया कि सरकार द्वारा नैनो यूरिया एवं डीएपी को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि दानेदार यूरिया पर निर्भरता कम हो। साथ ही ड्रोन से खेतो में छिड़काव को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है, जिससे की ससमय कम लागत में छिड़काव के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सके।

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-किसानों को निर्धारित मूल्य औऱ समय पर उर्वरक, बीज एवं कृषि दवाएं उपलब्ध कराएं :

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पूर्णिया। पूर्णिया समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में सोमवार को जिला उर्वरक निगरानी समिति की समीक्षा बैठक में विधायक विजय खेमका ने प्रभारी जिला पदाधिकारी एवं जिला कृषि पदाधिकारी को एनडीए सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य करने का निर्देश दिया। विधायक ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि किसानों को निर्धारित मूल्य औऱ समय पर उर्वरक, बीज एवं कृषि दवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विधायक ने कहा कि कृषि पदाधिकारी केवल कागजी जांच तक सीमित न रहें, बल्कि खेत-खलिहान तक पहुंचकर किसानों को उन्नत खेती एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने दो-तीन पंचायतों का क्लस्टर बनाकर शिविर के माध्यम से अनुदानित बीज, हाइब्रिड बीज एवं कृषि यंत्र वितरण की व्यवस्था सुदृढ़ करने को कहा। सदर विधायक ने नकली खाद-बीज, वेगर अनुज्ञप्ति बिक्री एवं कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। विधायक ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। खेमका ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की ज्यादा आवश्यकता है। उन्होंने गोबर औऱ वर्मी कंपोस्ट से कम लागत वाली उन्नत खेती अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि एनडीए सरकार की बायोगैस प्लांट एवं जैविक खेती योजनाओं का लाभ कृषक बन्धु ज्यादा से ज्यादा प्राप्त करें।

सामान्य प्रश्न

किसानों को उर्वरक कैसे और कब उपलब्ध कराए जाएंगे?
विधायक विजय खेमका ने निर्देश दिया कि किसानों को निर्धारित मूल्य और समय पर उर्वरक, बीज एवं कृषि दवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
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