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बाढ़ से निबटने की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन

बाढ़ से बचाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारी की जा रही है। जिले के लगभग दस लाख से अधिक आवादी प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होती है। सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बायसी अनुमंडल के चार प्रखंड क्रमश: अमौर,बायसी, डगरुआ एवं बैसा एवं धमदाहा अनुमंडल के एक प्रखंड रुपौली आता है। बाढ़ से आंशिक क्षेत्र धमदाहा प्रखंड के पूर्वी भाग के पांच पंचायत आते हंै।इन इलाकों में बाढ़ से बड़े पैमाने पर तबाही होती है। पिछले वर्ष बाढ़ से हुई क्षति को देखकर इस वर्ष जिलाधिकारी पंकज कुमार पाल के निर्देश पर बाढ़ पूर्व तैयारी में प्रशासन अभी से जुट गया है। जिलाधिकारी ने बायसी एसडीओ को आपदा की राशि उपलब्ध कराते हुए कार्य को अंतिम रुप देने का निर्देश दिया है। इसके तहत बायसी में एसडीआरएफ की टीम द्वारा स्थानीय 30 लोगों को गोताखोड़ी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले में उपलब्ध सभी लाईफ जैकेट,मोटर वोट एवं महाजाल को चालू हालत में रखने के लिए इसकी मरम्मत करायी गई है तथा जांच एसडीआरएफ के विशेषज्ञ द्वारा करायी गई है। सरकारी एवं गैर सरकारी सभी नांवों की मरम्मत के लिए अंचलों मेंे राशि उपलब्ध करायी गयी है। इसके साथ सभी नावों को जिला परिवहन कार्यालय से निबंधित भी कराया जा रहा है। सभी नाव में पताखा लगाने के साथ सरकारी नाव पर सरकार द्वारा नि:शुल्क सेवा अंकित किया जा रहा है। सभी अंचलों में राहत और बचाव दल का गठन कर लिया गया है। इसमें स्थानीय स्वयं सेवकों, गृह रक्षा वाहिणी एवं स्वयं सेवी संस्था के स्वस्थ्य सदस्य को शामिल किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ से निपटने के लिए सरकार से 100 लाईफ जैकेट एवं 100 नाव की मांग की गई है। सुखा राशन, दिया-सलाई जेनरेटर, मोमबती, पोलिथीन सिट्स के लिए निविदा प्रक्रिया में है। इसकी अंतिम तिथि 14 जून रखी गई है। सभी अंचलों द्वारा संसाधन का चित्रण किया जा चुका है। इसके लिए प्रखंड,अनुमंडल एवं जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए है। बाढ़ निरोधी कटाव की मरम्मति कार्य जल संसाधन के अभियंता द्वारा किया जा रहा है। पथ निर्माण विभाग बाढ़ से पूर्व सभी प्रभावित क्षेत्र की सड़के पूरा करने में जुटी है। सभी नदियों के तटबंध को एसडीओ एवं विभागीय अभियंता द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। शरणास्थली का चयन जिला स्तर पर कर लिया गया है। शरण स्थली पर शुद्ध पेयजल, शौचालय एवं पशुचारा आदि का व्यवस्था विभिन्न विभागों के सहयोग से किया जा रहा है। खाद्यान्न का भंडारण पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित कर लिया गया है। सभी वर्षा मापक यंत्रों की मरम्मति के लिए जिला सांख्यिकी पदाधिकारी एवं बीडीओ को निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही वैकल्पिक फसल के लिए जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा सर्वेक्षण कार्य पूरा करा लिया गया है,ताकि किसानों को बाढ़ की स्थिति में भी सही फसल उगाने में सहयोग मिल सके। सम्पूर्ण जिले के लिए कॉमिनिकेशन प्लान तैयार किया गया है। यातायात, संचार व्यवस्था , कर्मियों , पदाधिकारियों एवं स्वयं सेवकों का मोबाइल नंबर दर्ज किया गया है। नदियों के जलस्तर की अद्तन स्थिति की प्रतिदिन सूचना देने का निर्देश जल संसाधन विभाग के अभियंता को दिया गया है। मेडिकल टीम का गठन कर पर्याप्त मात्रा में हैलोजन टैबलेट, सांप व कुत्ता काटने की दवा का समुचित प्रबंध किया गया है।

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  • Web Title:District administration in preparation for tackling floods