Purnia News: महानंदा नदी के कटाव से मठुआ टोली के अस्तित्व पर संकट, दहशत में ग्रामीण

हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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Purnia News: बैसा, एक संवाददाता। महानंदा नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही बैसा प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र में कटाव तेज हो गया है।

Purnia News: महानंदा नदी के कटाव से मठुआ टोली के अस्तित्व पर संकट, दहशत में ग्रामीण

Purnia News: बैसा, एक संवाददाता। महानंदा नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही बैसा प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र में कटाव तेज हो गया है। सिरसी पंचायत के वार्ड संख्या 11 स्थित मठुआ टोली बालुटोला गांव के समीप नदी का भीषण कटाव जारी है। कटाव की भयावह स्थिति को देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और गांव के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है।

ग्रामीणों की चिंता

ग्रामीण मुंशी आफाक आलम, मो. मंगला, मो. जुबैर आलम, मो. हातिम शाहनवाज, मंजर, कहकशां, नाजमीन बेगम, जहांआरा, मंजरी बेगम, मो. शोएब आलम, अबु शईद, शमशाद आलम, डॉ. अली अजगर, शाहबी एवं मो. मशीर ने बताया कि कभी इस गांव में लगभग 250 परिवार निवास करते थे। वर्ष 2017 की विनाशकारी बाढ़ और कटाव के बाद हर साल नदी गांव को निगलती चली गई। वर्तमान में गांव में मुश्किल से एक दर्जन परिवार ही बचे हैं, जबकि अधिकांश लोग पलायन कर चुके हैं या अन्य स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

कदम उठाने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्ष पूर्व गांव को बचाने के लिए बांस पाइलिंग के माध्यम से कटाव निरोधक कार्य कराया गया था, लेकिन वह पूरी तरह विफल साबित हुआ। अब एक बार फिर नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे बचे हुए परिवारों में भय व्याप्त है। पूर्व मुखिया शमशाद आलम एवं पंचायत समिति प्रतिनिधि वशी आजम ने बताया कि गांव को बचाने के लिए कई बार सांसद, विधायक एवं प्रशासनिक अधिकारियों से लिखित और मौखिक रूप से कटाव निरोधक कार्य कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।

अविलंब कार्रवाई की आवश्यकता

उन्होंने कहा कि प्रशासन की उदासीनता के कारण दर्जनों परिवार सड़क किनारे या अन्य जगहों पर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते स्थायी कटाव निरोधक कार्य नहीं कराया गया तो मठुआ टोली बालुटोला के साथ-साथ आसपास के कई अन्य गांव भी महानंदा नदी के कटाव की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग से अविलंब प्रभावी कटावरोधी कार्य शुरू करने की मांग की है。

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महानंदा एवं कनकई नदी के जलस्तर में वृद्धि

बायसी, एक संवाददाता। लगातार हो रही बारिश के बाद एक बार फिर महानंदा एवं कनकई नदी के जलस्तर में वृद्धि देखी गई है जबकि परमान नदी के जलस्तर में कमी हुई है।

महानंदा उप प्रमंडल पूर्णिया केंद्रीय जल आयोग क्षेत्र के अधिकारी अभिषेक लकड़ा ने बताया कि महानंदा एवं कनकई नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। जबकि अररिया में परमान नदी के जलस्तर में कमी हुआ है। उन्होंने कहा कि किशनगंज जिले के तैयबपुर में महानंदा का डेंजर लेवल 66.000 है। रविवार की शाम पांच बजे 64.710 मीटर था जो 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि के बाद सोमवार को 65.350 मीटर पर पहुंच गया है। वहीं दूसरी और पूर्णिया जिले के डेगराह घाट में डेंजर लेवल 35.650 मीटर है। रविवार की शाम पांच बजे 34.780 मीटर था जो खतरे के निशान के नीचे रही थी। 24 घंटे में सोमवार को जलस्तर में वृद्धि के बाद 35.450 मीटर पर पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल के चरघरिया में कनकई नदी का डेंजर लेवल 46.940 मीटर है। रविवार को 45.610 मीटर था 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि के बाद सोमवार को 45.860 पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान के नीचे है। वहीं अररिया जिले में परमान नदी का डेंजर लेवल 47.000 है। जलस्तर में कमी होने से 45.200 मीटर पहुंच गया है जो खतरे के निशान से नीचे है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रामीणों ने कटाव रोकने के लिए क्या कदम उठाने की मांग की है?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग से अविलंब प्रभावी कटावरोधी कार्य शुरू करने की मांग की है।
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