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पूर्णियापूर्णिया में 1 से 15 मई के बीच पीक पर रहा कोरोना

हिन्दुस्तान टीम,पूर्णियाPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 05:30 AM
पूर्णिया में 1 से 15 मई के बीच पीक पर रहा कोरोना

Corona remained on peak between 1 to 15 May in Purnia

पूर्णिया। वरीय संवाददाता

पूर्णिया जिला कोरोना की दूसरी लहर अब कम होने लगी है। मगर एक माह पहले दूसरी लहर कहर बरपा रही थी। एक से 15 मई के बीच कोरोना पीक पर रहा। इस दौरान एक पखवाड़े में सबसे अधिक 50 मौत हुई। सरकारी रिकार्ड के मुताबिक होम आइसोलेशन में उपचार के दौरान एक दर्जन से अधिक मरीजों की जानें गयीं। सदर अस्पताल के डीसीएचसी में भी दर्जनों लोगों की मौत हुई। निजी अस्पतालों में वेटिंग रहने के बावजूद मिन्नत कर मरीज को दाखिल कराया। बेतहाशा खर्च के बावजूद मरीज नहीं बच पाए। अब तक कोरोना से जितनी मौत हुई है उसमें 40 फीसदी मरीजों की मौत निजी अस्पतालों में बने डीसीएचसी (डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर) में हुई है।

कसबा के मोहनी व मदारघाट पंचायत के चार लोगों की मौत होम आइसोलेशन में उपचार के दौरान हुई। जलालगढ़ के एकम्बा, बनमनखी के हरमुरी, बायसी के खपरा, श्रीनगर और चंपानगर में भी होम आइसोलेशन के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीज की जान चली गयी। सदर अस्पताल के डीसीएचसी में भी दर्जनों मरीजों की जान गयी। मगर जिस आस और उम्मीद के साथ निजी अस्पताल में लोग गए, वहां भी भरोसा ही टूटा। नामी निजी अस्पतालों से लेकर बाकी डीसीएचसी में भी कोरोना संक्रमित मरीज बच नहीं पाए। अब तक हुई मौत में करीब 40 से 50 फीसदी मौत निजी अस्पताल के डीसीएचसी में भी हुई। यानी आक्सीजन, वेंटीलेटर समेत अन्य बेहतर व्यवस्था भी मरीजों की जान नहीं बचा पायी। खास बात है कि निजी अस्पताल में दाखिल होने वाले अधिकांश लोग नगर निगम यानि शहरी इलाके के लोग थे। इसमें नवरतन हाता, भट्ठा बाजार, जनता चौक, सिपाही टोला, मधुबनी, लाइन बाजार, रेणु नगर, पॉलीटेक्निक चौक, प्रभात कॉलोनी के लोग थे, जिनकी आर्थिक हालत बेहतर थी। इसलिए वह जल्दी अस्पताल तक पहुंचे। मगर लाखों खर्च के बावजूद जान नहीं बच पायी। जलालगढ़, अमौर, धमदाहा और डगरूआ के लोगों ने भी निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। अब कोरोना की दूसरी लहर कम होने लगी है। ऐसे में निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी कम होने लगी है। इसके साथ ही बेड भी घटने लगे हैं। इस वक्त करीब पांच दर्जन कोरोना मरीजों का निजी डीसीएचसी में इलाज चल रहा है। तीन दर्जन कोरोना मरीजों का इलाज सदर अस्पताल के डीसीएचसी में चल रहा है।

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