हंगामेदार रही पंचायत समिति की बैठक, विधायक के हस्तक्षेप के बाद 8 जनवरी को होगी अगली बैठक
जलालगढ़, एक संवाददाता। जलालगढ़ प्रखंड कार्यालय के सभागार में आयोजित पंचायत समिति की बैठक सोमवार को काफी हंगामेदार रही।

जलालगढ़, एक संवाददाता।जलालगढ़ प्रखंड कार्यालय के सभागार में आयोजित पंचायत समिति की बैठक सोमवार को काफी हंगामेदार रही। बैठक के दौरान पंचायत समिति सदस्य नीरज कुमार भारती उर्फ पंकज भारती ने प्रखंड प्रमुख निखिल किशोर उर्फ भिखारी यादव और प्रखंड विकास पदाधिकारी ममता कुमारी पर पीसीसी सड़क योजनाओं में कमीशन लेने का आरोप लगाया जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। आरोप लगते ही अधिकांश पंचायत समिति सदस्यों ने बैठक का विरोध करना शुरू कर दिया। सदस्यों का कहना था कि उनके क्षेत्रों में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है और जो भी कार्य हुए हैं, वे प्रखंड प्रमुख द्वारा स्वयं कराए गए हैं।
इसी बीच स्थिति को संभालने के लिए कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी को शांत कराया। विधायक के हस्तक्षेप के बाद अगली बैठक 8 जनवरी को आयोजित करने पर सहमति बनी। विधायक नितेश कुमार सिंह ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल पीसीसी सड़क के मुद्दे पर ही आवाज उठाना पर्याप्त नहीं है। जनहित से जुड़े अन्य विषयों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दो लाख से दस लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जीविका के माध्यम से लोगों को स्वरोजगार के लिए सहायता दी जा रही है, मुर्गी पालन के लिए चूजे दिए जा रहे हैं, लेकिन पंचायत स्तर पर इन योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कम दिखता है। उन्होंने बिजली, शौचालय और सड़क जैसी योजनाओं की प्रगति पर भी सवाल उठाए। ......लिखित शिकायत और साक्ष्य पर होगी जांच: विधायक ने 27 प्रतिशत कमीशन के आरोप पर स्पष्ट कहा कि यदि इस संबंध में लिखित शिकायत और साक्ष्य दिए जाते हैं तो निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने के बजाय औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए। बैठक के बाद बीडीओ ममता कुमारी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बैठक में 27 प्रतिशत कमीशन जैसी कोई बात नहीं हुई और सभी की सहमति से अगली बैठक 8 जनवरी को बुलाने का निर्णय लिया गया है। वहीं प्रखंड प्रमुख निखिल किशोर उर्फ भिखारी यादव ने भी किसी प्रकार के कमीशन लेने से इनकार करते हुए कहा कि पंचायत समिति सदस्यों को सीधे काम कराने का अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि सदस्यों की कुछ मांगें थीं जिन्हें काफी हद तक मान लिया गया है और विधायक के निर्देश पर विशेष बैठक बुलाई जाएगी। दूसरी ओर, दनसार पंचायत समिति सदस्य नीरज कुमार भारती उर्फ पंकज भारती ने अपने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि योजनाओं पर कमीशन लिया जाता है। समय आने पर साक्ष्य भी प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रखंड उप प्रमुख सुनील मंडल ने आरोप लगाया कि कई योजनाओं में काम हुए बिना ही राशि की निकासी कर ली गई। वहीं पंचायत समिति सदस्य सदानंद झा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में पंचायत समितियों को लगातार उपेक्षित किया गया है और यदि कमीशन की बात सही नहीं होती तो यह मुद्दा उठाया ही नहीं जाता। फिलहाल विवाद के बीच 8 जनवरी को पुनः बैठक आयोजित कर सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने का निर्णय लिया गया है।
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