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27 सितम्बर, 2020|2:24|IST

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सीआईडी ने बाड़ीहाट कांड में शुरु की जांच.

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1 मई को बाड़ीहाट में हुए हाई प्रोफाइल भू विवाद कांड में सीआईडी की टीम ने गुरुवार को पूर्णिया पहुंची जांच शुरु कर दिया। सीआईडी की इस दो सदस्यीय टीम का नेतृत्व एएसपी राजेश कुमार कर रहे थे। जांच की शुरुवात में सहायक खजांची थाना से की गई। एएसपी ने थाने पहुंचकर मामले से जुड़े एक-एक पहलु की बारिकी से खंगाला। टीम ने अनुसंधानकर्ता से केस डायरी समेत मामले से जुड़े तमाम रिकार्डों के बारे में जानकारी ली। मौके पर सदर एसडीपीओ आंनद कुमार पांडेय और हेडक्वाटर डीएसपी पंकज कुमार भी मौजूद थे। थाने से निकलने के बाद सीआईडी की टीम सीधे घटनास्थल पर पहुंची। एएसपी ने थानाध्यक्ष अमित कुमार से घटना के एक-एक बिंदु पर जानकारी ली। इसके बाद सांसद संतोष कुशवाहा की मामी आशा देवी और मामा लखन लाल विश्वास से भी पूछताछ किया। करीब तीन घंटे तक चले पूछताछ के बाद सीआईडी मृतक आकाश सिंह उर्फ मिट्ठू के परिजनों से पूछताछ करने हाउसिंग कॉलोनी पहुंची। इस संबंध में एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि बाड़ीहाट कांड की जांच शुरु कर दी गई। गुरुवार को घटनास्थल का भी किया गया। इसके अलावा घटना से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है।

सीआईडी ने तीनों पक्षों से की पूछताछ

इस मामले में शामिल तीन पक्षों से सीआईडी की टीम ने बारी-बारी से पूछताछ किया। सबसे पहले टीम ने केस के तीसरे पक्ष (पुलिस) से पूछताछ की। एएसपी ने सहायक खजांची थानाध्यक्ष अमित कुमार से पूछताछ किया। पुलिस द्वारा किए गए केस के बारे में भी बारिकी से जानकारी ली। इसके बाद टीम ने बाड़ीहाट पहुंच कर विवादित जमीन का जांच किया। मामले के एक पक्ष आशा देवी व अन्य गवाहों और पुलिस से जानना चाहा कि आखिर 1 मई को क्या हुआ था? टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर 1 मई को हुए मामले के एक-एक बिंदु को खंगाला। करीब तीन घंटे तक चले गहन जांच के बाद सीआईडी की दो सदस्यीय टीम मृतक मिट्ठू सिंह के परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ करने देर शाम हाउसिंग बोर्ड पहुंची। एएसपी ने पड़ोसियों से मृतक मिट्ठू और घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली।

मुख्यालय के आदेश पर जांच के लिए पहुंची सीआईडी

इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच की जिम्मेदारी मुख्यालय में सीआईडी को सौंपी है। एडीजी विनय कुमार ने एक सप्ताह पूर्व सीआईडी को बाड़ीहाट कांड से जुड़े सभी मामलों की जांच करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद गुरुवार को सीआईडी ने मामले की जांच शुरु कर दी। बता दें कि इससे पहले दरभंगा जोन के तत्कालीन आईजी पंकज दराद भी इस मामले की जांच कर चुके हैं। हालांकि इस मामले में अबतक पुलिस ने एक नामजद आरोपी को खीरु चौक पर से गिरफ्तार किया है।

क्या है मामला

बाड़ीहाट स्थित दुर्गामंदिर के समीप 10 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद है। इस जमीन दोनों पक्ष अपनी-अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। पहला पक्ष की ओर से बताया जा रहा है कि 28 मार्च 2019 को जमीन के मालिक विरेन्द्र नारायण सिंह उर्फ फटकन सिंह ने नुरूल खान और पुष्पेश कुमार सिंह उर्फ बेनी सिंह को 10 कट्ठा जमीन को 1.61 लाख की दर से एग्रीमेंट किया गया था। जिसके बाद इस जमीन पर पर पुष्पेश सिंह और नुरूल खान अपना दावा ठोकने लगे। जबकि दूसरे पक्ष में सांसद के मामा लखन लाल विश्वास की ओर से दावा की जा रही है कि वह पिछले कई वर्षों से इस जमीन पर सपरिवार रहते हैं। यह जमीन उनकी है। इसी विवाद को लेकर एक मई को बाड़ीहाट स्थित दुर्गामंदिर के पास 13 कट्ठे जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर, मारपीट और हंगामा हुआ था। इस मामले में एक पक्ष के ड्राइवर मिट्ठू को दूसरे पक्ष के लोगों ने पीटपीट मार डाला था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कुल 6 केस दर्ज किए थे। जिसमें एक केस पुलिस की ओर से भी दर्ज करवायी थी। पुलिस ने रितेश कुमार उर्फ गुड्डू , साजन कुमार, रवि साह समेत 13 लोगों पर नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी है। जबकि मृतक के परिजनों के शंकर कुशवाहा, नीलू सिंह पटेल, और रितेश कुमार गुड्डा पर नामजद और 15 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करवायी है। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से लखन लाल विश्वास की पत्नी आशा देवी ने बिट्टू सिंह, पुष्पेश सिंह समेत 5 नामजद और 20 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करवायी है। मामले की छानबीन की गयी तो एफएसएल के द्वारा गोली चलने के साक्ष्य नहीं पाये गये। इसके बाद साक्ष्य संकलन कर एसपी विशाल शर्मा ने रिपोर्ट 2 निकाला। जिसमें दोनों पक्षों से 41 लोगों नामजद अभियुक्त बनाया था।

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  • Web Title:CID starts investigation in Barihat case