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बोले पूर्णिया : मतदान प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती : जागरूकता से ही खुलेगा रास्ता

बोले पूर्णिया : मतदान प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती : जागरूकता से ही खुलेगा रास्ता

संक्षेप:

पूर्णिया में मतदान प्रतिशत के कम होने पर चिंता जताई गई। लोगों ने सुझाव दिए कि मतदान को जन-चेतना का हिस्सा बनाना चाहिए। विशेष कैंप, डोर टू डोर जागरूकता, और मतदान दिवस को उत्सव की तरह मनाने की बातें की गईं। यदि एक वोट का महत्व समझाया जाए, तो मतदान में वृद्धि संभव है।

Wed, 5 Nov 2025 01:41 AMNewswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। लोकतंत्र की ताकत जनता के हाथ में होती है, लेकिन जब मतदान का प्रतिशत औसतन 60 फीसदी के आसपास सिमट जाता है, तो सवाल उठता है कि क्या बाकी 40 फीसदी मतदाता अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं? चुनाव के मौसम में प्रशासन और राजनीतिक दलों की तमाम कोशिशों के बावजूद मतदाताओं की उदासीनता चिंता का विषय बनी हुई है। अब सवाल यह है कि मतदान प्रतिशत कैसे बढ़े और इसके लिए कौन-से ठोस कदम उठाए जाएं। पूर्णिया के लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय रखी। अधिकांश का मानना है कि मतदान को “अभियान” की तरह नहीं बल्कि “जन-चेतना” का हिस्सा बनाना होगा।

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कई लोगों ने कहा कि डोर टू डोर यह बताना होगा कि मतदान हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है और उसका प्रयोग करना जरूरी है। उन्हें यह बताना होगा कि उनके एक मत से सरकार बन सकती है और सरकार बिगड़ सकती है। जनतंत्र में जनता मालिक होती है और सरकार बनाने का पूरा हक भी जनता का ही होता है। इस संवाद में कई लोगों ने बताया कि मतदान का प्रतिशत कम होने का एक कारण यह भी है कि मतदान के दिन प्रशासनिक स्तर से हर घर में मतदाता पर्ची नहीं पहुंच पाती है। मतदान के लिए प्रशासनिक स्तर से लोगों को घर से नहीं निकाला जाता है। मतदान के दिन मजदूरों के लिए विशेष पैकेज अगर तैयार रहे तो निश्चित रूप से मजदूरी छोड़कर मजदूर मतदान करने जाएंगे। कुछ लोगों का कहना है कि नए मतदाताओं को विशेष तवज्जो मिलनी चाहिए। जो पहली बार मतदान कर रहे हैं उन्हें अलग मतदान काउंटर भी मिले तो अच्छा है। कुछ लोगों ने तो यहां तक बोला कि चुनाव के लिए अधिकांश उम्मीदवार अपने अपने समर्थकों को सही ढंग से समझा नहीं सकते हैं। उन्हें सिर्फ चुनाव चिन्ह (छाप) बताया जाता है, लेकिन यह नहीं बताया जाता कि सबसे पहले जाकर मतदान करें और अपनी बारी पहले सुनिश्चित करें। -------- -हमारी बात:- ------------ 1. लोगों में यह भावना जगानी होगी कि वोट सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के नवनिर्माण की जिम्मेदारी है। अगर हर स्कूल-कॉलेज में वोट के महत्व पर कार्यक्रम हों तो फर्क जरूर पड़ेगा। मो. अंसारुल 2. युवा वर्ग को मतदान की प्रक्रिया में उत्साह के साथ जोड़ना होगा। पहली बार वोट देने वालों के लिए समय-समय पर विशेष कैंप लगना चाहिए ताकि वे मतदान का महत्त्व समझें। राज आर्यन 3. गांवों में आज भी बहुत लोग सोचते हैं कि एक वोट से क्या होगा। एक वोटर बोलता है तो दूसरा भी यही सोचने लगता है। इस सोच को बदलने के लिए जनप्रतिनिधियों को आगे आना होगा। शंभू चौधरी 4. मतदान वाले दिन कामकाजी वर्ग को छुट्टी की सुविधा सुनिश्चित की जाए। कई लोग नौकरी या व्यापार के कारण बूथ तक नहीं पहुंच पाते। मजदूरों के लिए भी कुछ व्यवस्था होनी चाहिए राजीव प्रकाश 5. सरकार और प्रशासन को मतदान दिवस को ‘लोक पर्व’ की तरह मनाना चाहिए। अगर माहौल उत्सव जैसा बनेगा तो भागीदारी निश्चित तौर पर हर जगह बढ़ेगी। श्याम दास 6. बूथ स्तर पर मतदाताओं की सूची की सही जांच जरूरी है। कई बार नाम कट जाने या गड़बड़ी के कारण लोग मतदान से वंचित रह जाते हैं। कभी-कभी तो मतदाता पर्ची भी नहीं मिलता। नागेश्वर राम 7. महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा मायने रखती है। उन्हें आगे लाने के लिए स्वयं सहायता समूहों और आशा कार्यकर्ताओं की मदद ली जा सकती है। आनंदी दास 8. सोशल मीडिया पर भी मतदान को लेकर सकारात्मक अभियान चलाना चाहिए। युवा वर्ग वहीं से प्रभावित होगा। महिलाओं को भी प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया से जोड़ने की जरूरत है। मनोज झा 9. अगर मतदाता को यह भरोसा हो जाए कि उसकी आवाज सुनी जाएगी, तो वोटिंग प्रतिशत अपने आप बढ़ेगा। नेता जीत जाने के बाद फिर उनकी सुनते नहीं आते। आकाश कुमार 10. हर मोहल्ले में ‘वोट देने चले हम’ जैसे रैली और नुक्कड़ नाटक हों। इसी के जरिए वोट का महत्व भी बताया जाए इस प्रकार जागरूकता जब धरातल पर उतरेगी, तभी बदलाव आएगा। सिकंदर आलम 11. प्रत्येक परिवार में अगर एक व्यक्ति मतदान के महत्व पर चर्चा शुरू करे तो समाज का नजरिया बदल जाएगा। चर्चा के लिए लोगों को चुनाव के पहले से ही प्रेरित करना पड़ेगा। ब्रह्मदेव शर्मा 12. लोकतंत्र को मजबूत बनाना है तो मतदान के दिन को उत्सव की तरह मनाना होगा। जब वोट गर्व का विषय बनेगा, तभी 60 से 90 प्रतिशत तक पहुंचा जा सकेगा। अशोक महतो ------------------- 04BPS1--1. मो अंसारुल 04PS2---2. राज आर्यन 04BPS3---3. शंभू चौधरी 04BPS4---4. राजीव प्रकाश 04BPS5---5. श्याम दास 04BPS6---6. नागेश्वर राम 04BPS7----7. आनंदी दास 04BPS8----8. मनोज झा 04BPS9----9. आकाश कुमार 04BPS10---10. सिकंदर आलम 04BPS11---11. ब्रह्मदेव शर्मा 04BPS12- - -12. अशोक महतो 04BPS13----ग्रुप फोटो ----------------