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बायसी पीएचसी को नहीं मिला अनुमंडल अस्पाताल का दर्जा

बायसी पीएचसी को नहीं मिला अनुमंडल अस्पाताल का दर्जा

सूबे में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार करने की काफी कोशिश की गई है। मरीजों को अच्छी चिकित्सीय सुविधा देने के लिए अस्पतालों में कई बार सुविधाएं मुहैया कराने के आश्वासन भी दिया गया लेकिन सरकार की घोषणाओं के बाद भी बायसी अनुमंडल मुख्यालय के पीएचसी में मात्र एक मरीज कक्ष है। वह कक्ष प्रसव कक्ष है जिसमें महिलाओं का प्रसव कराया जाता है। जबकि और किसी भी प्रकार की मरीजों को यहां रूक कर इलाज करवाने की कोई व्यवस्था नहीं है। बताते चले कि बायसी पीएचसी में मात्र छह बेड का एक ही प्रसव कक्ष है । पूर्णिया जिले के राज्य का सबसे पिछड़ा इलाका माना गया है । इस इलाके के लोग सरकारी अस्पतालों निर्भर हैं । लेकिन यहां भी मरीजों को हर सुविधाएं नहीं मिल पा रहा है। पीएचसी में डॉक्टर व नर्स का घोर अभाव है। स्वीकृत पद से कम डॉक्टर व नर्स हैं।यहां की चिकित्सा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली जांच सुविधा की बात करें तो ब्लड ग्रुप, यूरिन एवं कफ जांच की सुविधा मरीजो को मिलती है। लेकिन इन सबमें यहां के मरीज अल्ट्रासाउंड की सुविधा से वर्षो से वंचित है। जबकि एक वर्ष से एक्स रे खराब होने के कारण बंद है। पीएचसी में ब्लड बैंक की भी सुविधा नहीं है। जबकि पीएचसी में एक भी महिला डॉक्टर नहीं है। एएनएम के भरोसे प्रसव करवाया जाता है। अनुमंडलवासी एक महिला डॉक्टर की मांग वर्षो से करते आ रहे है। बायसी अनुमंडल बनने के 24 वर्ष बीत जाने के बाद भी बायसी पीएचसी को अनुमंडल अस्पताल का ना तो दर्जा मिला और ना ही अस्पताल में भवन ही बन सका है।पीएचसी प्रभारी चिकित्स पदाधिकारी विजय कुमार ने बताया कि बायसी में डॉक्टर का कुल सात पद में तीन पद पर डॉक्टर है जबकि चार पद खाली हैं। वहीं एएनएम के 72 पद पर मात्र 24 एएनएम है जबकि अभी 48 पद रिक्त हैं। वहीं पीएचसी में एक भी ड्रेसर नहीं है जबकि ड्रेसर का काम एएनएम से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एएनएम संस्थान की जमीन का चयन होने के बाद भी भवन निर्माण नहीं हो रहा है। कुछ जांच जो बायसी पीएचसी में किया जाता है। यहां एक लैब टेक्नीशियन है। वर्क लोड के कारण अनहोनी की आशंका बनी रहती है।

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  • Web Title: Biological PHC did not get subdivision hospital status