DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिहार  ›  पूर्णिया  ›  कृषि ही सभ्यताओं की जननी, यही भूत, वर्तमान और भविष्य
पूर्णिया

कृषि ही सभ्यताओं की जननी, यही भूत, वर्तमान और भविष्य

हिन्दुस्तान टीम,पूर्णियाPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 06:40 AM
कृषि ही सभ्यताओं की जननी, यही भूत, वर्तमान और भविष्य

पूर्णिया। भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज में कॉलेज के 11वें स्थापना दिवस के मौके पर साप्ताहिक कार्यक्रम सह पांच दिवसीय आनलाईन प्रशक्षिण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम का उद्धाटन कुलपति डॉ. आर. के. सोहाने ने किया। इस मौके पर कुलपति ने कहा कि कृषि ही सभी सभ्यताओं की जननी है, कृषि ही वर्तमान, भूत एवं भवष्यि है। कोविड-19 के वायरस से भी लडने के लिए प्रकृति ने सभी मौसम के हिसाब से विभन्नि उत्पाद जैसे अनाज, फल, सब्जी, औषधीय पौधे इत्यादि दिए हैं। इसका समुचित उपयोग करें जिससे स्वास्थ्य एवं प्रतिरक्षा बढ़ाई जा सके। कृषि कॉलेज के 11वें स्थापना दिवस के मौके पर कॉलेज के पुस्तकालय सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति, बिहार कृषि वष्विवद्यिालय, सबौर डॉ. आर. के. सोहाने एवं विशष्टि अतिथि निदेशक, छात्र कल्याण बिहार कृषि वष्विवद्यिालय, सबौर डॉ. राजेश कुमार थे। इस मौके पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पारस नाथ ने कॉलेज की प्रगति पर रोशनी डाली।

संबंधित खबरें