कृषि विज्ञान केंद्र ने आधुनिक तकनीक की दी जानकारी
जलालगढ़ में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चक पंचायत के डोकरैल गांव में कृषि ज्ञान वाहन का परिचालन किया गया। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराना था। विशेषज्ञों ने किसानों को विभिन्न कृषि गतिविधियों और फसल सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों ने इस जानकारी को उपयोगी बताया।

जलालगढ़, एक संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र, जलालगढ़ द्वारा चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत चक पंचायत के डोकरैल गांव में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर से आए कृषि ज्ञान वाहन का परिचालन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों से अवगत कराना था। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. के. एम. सिंह ने बताया कि कृषि ज्ञान वाहन के माध्यम से किसानों को मशरूम उत्पादन, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और अन्य स्वरोजगार संबंधी गतिविधियों पर आधारित चलचित्र दिखाकर जागरूक किया गया। कीट वैज्ञानिक अनामिका कुमारी ने फसल सुरक्षा और कीट प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने मक्का में लगने वाले फॉल आर्मी वॉर्म तथा आम की फसल में मधुआ कीट के नियंत्रण के उपाय बताए। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. संगीता मेहता और मृदा वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार ने गांव में चल रहे कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गरमा सब्जियों के उत्पादन और उन्हें दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने महिला और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में यंग प्रोफेशनल राम मनीष कुमार का सहयोग रहा। ग्रामीण पुरुषों और महिलाओं ने कृषि ज्ञान वाहन के माध्यम से दी गई जानकारी को उपयोगी बताया।
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