सड़क किनारे मिला नवजात, मिला संरक्षण
फोटो:28purn36 नवजात शिशु के साथ थाना में मौजूद टीम के सदस्य।रूपौली, एक संवाददाता। नगर पंचायत रूपौली के रूपौली बस्ती में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफर

रूपौली, एक संवाददाता। नगर पंचायत रूपौली के रूपौली बस्ती में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे से नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह एक सफाईकर्मी की नजर सड़क किनारे पड़े लावारिस नवजात पर पड़ी। बच्चे के रोने की आवाज से अंदेशा जताया जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद उसे वहां छोड़ दिया गया। सूचना फैलते ही आसपास के लोग वहां पहुंच गए। गांव की आशा कर्मी रीना कुमारी ने मानवीय पहल दिखाते हुए नवजात को गोद में लिया और तत्काल रेफरल अस्पताल रूपौली पहुंचाया।
अस्पताल में नवजात का प्राथमिक उपचार किया गया और आवश्यक टीका भी दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला बाल संरक्षण इकाई पूर्णिया की टीम अस्पताल पहुंची। टीम ने मामले की छानबीन और पूछताछ के बाद नवजात को अपने संरक्षण में लिया और थाना पहुंची। थानाध्यक्ष अभय रंजन ने बताया कि नवजात के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाई गई है। आगे की कार्रवाई के तहत बच्चे को बाल कल्याण समिति पूर्णिया के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसके संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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