A message of love and patriotism on the occasion of Eid-Miladunnabi - ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर मोहब्बत और देश प्रेम का पैगाम. DA Image
12 नबम्बर, 2019|5:58|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर मोहब्बत और देश प्रेम का पैगाम.

default image

नबी की पैदाइश की खुशी में हजारों लोगों ने समाज को मोहब्बत और भाईचारा का पैगाम देने के लिए रंगभूमि मैदान से जुलूस निकाली गई। इस जुलूस में कई जगहों पर गंगा-जमुनी तहजीब का नजारा दिखा। कई जगहों पर जुलूस में शामिल मुस्लिम समुदाय के लोगों पर हिन्दू समुदाय के लोगों ने शर्बत की व्यवस्था की थी। इतना नहीं आपसी प्यार का मुजाहिरा करने करने के लिए जुलूस पर फूलों की बारिश भी की गई। रंगभूमि मैदान में उलेमाओं ने इस मौके पर लोगों को मोहब्बत का संदेश दिया।

ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर मटिया, मंझेली, पोखरिया, लालगंज मिलकी, गुलाबबाग, खुश्कीबाग, पूर्णिया सिटी, कजरा, बेलवा, झुन्नी, बलवा, अदमपुर, सबूतर, रहमत नगर, मोहम्मद नगर, वली टोला, मधुबनी, आजाद नगर के अलावा दूसरे कई जगहों पर हजारों लोग रंगभूमि मैदान पहुंचे। वहां से एक जुलूस निकाली गई जो गिरिजा चौक, आरएन साव चौक, झंडा चौक, लखन चौक, भट्ठा बाजार, लाइन बाजार, फोर्ड कंपनी चौक होते हुए फिर रंगभूमि मैदान पहुंची। जहां पर सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए मुफ्ती जुबैर आलम सिद्दीकि ने कहा कि इस्लाम का पैगाम है मोहब्बत। उन्होंने कहा कि सिर्फ इंसान होना ही कमाल नहीं है। शिक्षा के महत्व को बताते हुए उन्होंने कोई भी कौम शिक्षा के बल पर ही आगे बढती है। जिनके पास तालीम नहीं है वही मारकाट और नफरत की बात करते हैं।

जुलूस में लहराया तिरंगा :

जुलूस में ज्यादातर हाथों, बाइक और गाड़ियों पर हरे रंग का निशान और तिरंगा लहरा रहा था। लोगों ने बताया कि पहली बार ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में इतना तिरंगा दिखा है। अपने हाथों में तिरंगा लहरा रहे मो. रकीब ने बताया कि उसने देश प्रेम और अमन और शांति का पैगाम देने के लिए जुलूस में तिरंगा लेकर शामिल हुआ है। शादाब रजा ने बताया इस्लाम का पैगाम देने के लिए जुलूस निकाला गया गया है और तिरंगा हाथ में लेकर देश प्रेम इजहार कर रहे हैं।

चौक चौराहे पर दिखा गंगा जमुनी तहजीब :

नबी की पैदाइश पर खुशी का इजहार करने और इस्लाम का पैगाम लोगों तक पहुंचाने के लिए जुलूस में हजारों लोग शामिल हुए। जुलूस के समय हर चौक चौराहे पर गंगा जमुनी तहजीब का नजारा देखने को मिल रहा था। कहीं पर दूसरे समुदाय के लोग जुलूस में शामिल लोगों पर फूल बरसा रहे थे तो कहीं पर उनकी प्यास को बुझाने के लिए शर्बत का इंतजाम किया गया था। मुफ्ति जुर्बर आलम सिद्दिकी ने बताया कि दूसरे मजहब के लोगों ने जो प्यार दिया वो काबिले तारीफ है। आरएन साह चौकपर, झंडा चौक पर, लखन लाल चौक के अलावा भी कई जगहों पर जुलूस का स्वागत किया गया। यही गंगा जमुनी तहजीब है, यही हमारे मुल्क की पहचान है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:A message of love and patriotism on the occasion of Eid-Miladunnabi