
जिले के 14 वां नेत्रदानी बने सत्यदेव यादव, मरणोपरांत कॉर्निया दान
पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर के मधुबनी बैजनाथपुरी यादव टोला स्थित निवासी सत्यदेव प्रसाद यादव का 91 वर्ष की आयु में गुरुवार को निधन हो गया।
पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर के मधुबनी बैजनाथपुरी यादव टोला स्थित निवासी सत्यदेव प्रसाद यादव का 91 वर्ष की आयु में गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन के उपरांत सत्यदेव प्रसाद यादव के दोनों पुत्रों बसंत कुमार यादव और विनोद कुमार यादव तथा उनकी पुत्रवधु मंजू कुमारी और ममता देवी ने उनका नेत्रदान कराया। उनके नेत्रदान से दो लोगों को नई रोशनी मिली। शहर के जाने-माने समाजसेवी और दधीचि देहदान समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. एके गुप्ता, हीना सईद, रवींद्र कुमार साह, नीलम अग्रवाल, आलोक लोहिया, प्रदीप अग्रवाल, श्रीधर प्रसाद यादव, कृष्ण कुमार, सिंटू कुमार, शिवकुमार और उमेश प्रसाद यादव की पहल पर 14 वां नेत्रदान हुआ।

सत्यदेव प्रसाद यादव का नेत्रदान डॉ. सेनावर अंजुम और डॉ. अभिनव गुप्ता ने कराया। बता दें कि बीते दिनों डॉ अनिल कुमार गुप्ता और उनकी टीम लगातार अंगदान पखवाड़े पर लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक कर रही थी। सनद रहे कि सत्यदेव प्रसाद यादव की मौत गुरुवार की दोपहर 12:42 बजे हो गया था। इसके करीब तीन घंटे बाद उनका नेत्रदान कार्य गया। मौके पर समिति के प्रांतिय उपाध्यक्ष डॉ. एके गुप्ता ने नेत्रदान की अहमियम को बताया। उन्होंने बताया कि नेत्रदान एक महान दान है। एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसकी आंखें दो लोगों को दुनिया देखने का मौका दे सकती हैं। हमें समाज में इस जागरूकता को फैलाना होगा कि नेत्रदान कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि पूर्णिया में अब तक 14 नेत्रदान हो चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इस बात का संकेत है कि लोग अब इस नेक काम के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मृत्यु के 6-8 घंटे के भीतर नेत्रदान करना सबसे प्रभावी होता है।

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