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25 जनवरी, 2020|1:36|IST

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अतिकुपोषित बच्चों के पोषण पुनर्वास केन्द्र में 20 बेड पर 3 बच्चे भर्ती.

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जिले के सदर अस्पताल परिसर स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र में अतिकुपोषित बच्चों के भर्ती के लिए निर्धारित 20 बेड के अनुपात में कम बच्चे आ रहे हैं। इसके लिए चलाए जा रहे अभियान से भी असर नहीं पड़ रहा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि बच्चों के लिए प्रयास नहीं किए जा रहे हैं बल्कि स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि प्रतिशत उपलब्धि इसलिए नहीं मिल पा रही है कि केन्द्र के अंदर 21 निर्धारित दिन तक बच्चों के अभिभावक भर्ती लेकर नहीं रहते हैं। विभागीय अधिकारी की मानें तो इस कारण भर्ती बच्चों के अभिभावक अपनी अन्य मजबूरियां को बताते हुए एक सप्ताह दस दिन में निकल जाते हैं। कुछ बच्चों के अभिभावक 21 दिन तक रहने के लिए तैयार नहीं होते हैं। मसलन कई तरह की परेशानी बनी रहती है। इसके नोडल पदाधिकारी दीपक झा बताते हैं कि केन्द्र के अंदर सभी तरह की सुविधा है। तीन विशेषज्ञ चिकित्सक समय-समय पर बच्चों को देखते हैं। इस कारण बच्चों के देखभाल के लिए बेहतर व्यवस्था है। यहां 21 दिनों के भर्ती वाले बच्चों में औसत 35 प्रतिशत बच्चों की उपलब्धि अभी है।

पोषण के साथ बच्चों के लिए खेल की सुविधा

सदर अस्पताल परिसर स्थित पोषण केन्द्र में कुपोषित बच्चों को उपचार के साथ पोषण और खेल के लिए सामग्री की भी व्यवस्था है। यह सुविधा सीमांचल के जिले में इकलौता है। इमरजेंसी सेवा से पश्चिम दिशा स्थित बच्चा वार्ड के उपर में यह सुविधा चल रही है। भर्ती के बाद बच्चों को ट्रेंड नर्स की निगरानी में 24 घंटे तक देखभाल किया जाता है। यहां प्रत्येक दिन रूटीन के अनुरूप बच्चा विशेषज्ञ इस केन्द्र में भर्ती बच्चों को देखते हुए है। इन भर्ती बच्चों को पोषण युक्त भोजन के साथ-साथ उनके एक अभिभावक को भी भोजन दिया जाता है। यहां वैसे बच्चों को भर्ती किया जाता है जो कुपोषित बच्चें हैं, जो शारीरिक रूप से कमजोर की श्रेणी में आते हैं। ऐसे बच्चों को पीएचसी या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से भेजे जाते हैं। केन्द्र प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुरेन्द्र दास बताते हैं कि यहां छह माह से 5 साल तक के बच्चों को भर्ती किया जाता है। इन कुपोषित बच्चों को पोषणयुक्त भोजन और ससमय उपचार की सुविधा दी जाती है।

आरबीएसके के जरिए बच्चों को भर्ती करने के प्रयास

सदर अस्पताल में पोषण पुनर्वास केन्द्र में बच्चों को भर्ती करने के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आरबीएसके के जरिए प्रखंड स्तर तक जानकारी प्रदान कर अतिकुपोषित बच्चों को केन्द्र में बच्चे भेजने का प्रयास किया जाता है। इसके लिए प्रखंड स्तरीय आरबीसएके की टीम कार्य करती है। इसके लिए आरबीएसके जिला समन्वयक भी लगे रहते हैं। इसके बाद भी अभियान का असर इस कार्य में नहीं दिखता है।

केन्द्र में भर्ती बच्चों की संख्या एक नजर में

सदर अस्पताल परिसर में चल रहे पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उपचार किए जाने के लिए 20 बेड की सुविधा है। इस वार्ड में बेहतर पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस केन्द्र में इन बच्चों को भर्ती करने के बाद उसे निर्धारित समय अनुसार भोजन भी दिया जाता है। इसके लिए अलग से खाना बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वार्ड में भर्ती बच्चों और उनके एक अभिभावक के लिए भोजन तैयार किया जाता है और उन जरूरतमंद भर्ती बच्चों को भोजन दिया जाता है। वर्ष 2019 के अप्रैल माह में 17, मई माह में 30, जून में 22, जुलाई में 25, अगस्त में 25, सितम्बर में 22 और अक्टूबर में 19, नवम्बर माह में 8 और दिसम्बर माह में 12 बच्चे भर्ती किए गए हैं। अभी 16 जनवरी को 3 भर्ती बच्चे देखे गए।

चित्रों के जरिए बच्चों को स्वस्थ रखने की पहल

इस केन्द्र के अंदर बच्चों के भर्ती के लिए 20 बेड की सुविधा है। इस सुविधा में न केवल बेड की सुविधा है बल्कि चिकित्सकों को देखने के लिए भी चिकित्सक निगरानी में देखरेख करते हैं। बच्चों को निर्धारित समय अनुसार पोषण से भरे भोजन दिया जाता है। यहां बच्चों को स्वास्थ्य के साथ-साथ खेल की सारी सुविधा एक कमरे में दिया गया है। इस सुविधा में बच्चों के लिए झूला, खेलने वाली कुर्सी, गेंद, समेत कई सामग्री हैं। इनके अलावा बच्चों को साफ-सफाई रखने के लिए दिवारों पर साफ-सफाई रखने के तरीके समेत कई बेहतर सावधानियां चित्रों के जरिये दिखाया गया है। इसके जरिए अभिभावकों को समझाने की कोशिश की गई है कि बच्चों के नाखुन समय-समय पर काटे, कपड़े साफ रखे, पका खाना खाने, ताजा खाना खाने, खाने को संक्रमण से बचाने के लिए ढंक कर रखे। खाना पकाने की जगह को साफ रखे। कोई काम करने के समय हाथ की सफाई रखे आदि शामिल हैं।

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  • Web Title:3 children in 20 beds admitted to Nutrition Rehabilitation Center of under-trained children