टावर नहीं पकड़ता! मोबाइल नेटवर्क के लिए अररिया जाने को मजबूर हैं पूर्णिया के लोग
बिहार के पूर्णिया जिले में लोग मोबाइल का नेटवर्क ना मिलने से परेशान हैं। हालत यह है कि यहां के लोगों को मोबाइल से बात करने के लिए अररिया जिले में जाना पड़ता है। गांव वालों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से उनके यहां यह समस्या बनी हुई है।

वैसे तो जमाना फास्ट इंटरनेट और 5जी मोबाइल सेवाओं का है। लेकिन बिहार में एक जगह ऐसी भी है जहां के लोगों को मोबाइल में नेटवर्क ही नहीं मिलता। हालत यह है कि अगर उन्हें किसी से मोबाइल पर बात करनी होती है तो उन्हें अपने जिले से निकलकर दूसरे जिले में जाना पड़ता है। दरअसल मोबाइल पर बात करने के लिए बिहार में पूर्णिया जिला के लोगों को अपने गांव से तीन किलोमीटर दूर अररिया जिला जाना पड़ रहा है। इस गांव के लोग मोबाइल में नो नेटवर्क की समस्या से पिछले कई वर्षों से परेशान हैं। एक और जहां लोग फाइव जी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं कुछ ग्रामीण इलाकों में मोबाइल नेटवर्क नदारद है। बनमनखी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कोसी शरण देवोत्तर पंचायत के मलिनिया गांव में वार्ड एक से लेकर वार्ड सात तक दर्जनों घर मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से अभी तक दूर हैं।
बाघमारा टोला निवासी वेदानंद मंडल, मनोज मंडल, मनोज शर्मा, मौसम कुमार पासवान ,किशोर कुमार मंडल, अरुण हंसदा ,अनिल किस्कू, सुनील पासवान ,ज्योतिष मंडल, अमरेश मंडल ,विशेश्वर रवानी आदि समेत दर्जनों ग्रामीणों का कहना है की कोसी शरण देवोत्तर पंचायत के वार्ड एक से लेकर सात तक मोबाइल का नेटवर्क नहीं है। ग्रामीणों के पास मोबाइल है लेकिन वो अपने परिचितों से मोबाइल पर बात नहीं कर पाते हैं क्योंकि मोबाइल में नेटवर्क का टावर नहीं पकड़ता है।
हालत यह है कि मोबाइल का उपयोग करने के लिए तथा किसी से बात करने के लिए गांव से तीन किमी दूर जाना पड़ता है जो अररिया जिला के रानीगंज प्रखंड अंतर्गत आता है। ग्रामीणों ने बताया कि इधर गांव से तीन चार किलोमीटर दूर नागराही पार करने के बाद मोबाइल का नेटवर्क आता है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार मौखिक रूप से गांव में आने वाले सरकारी अधिकारियों को भी यह जानकारी दे चुके हैं। परंतु यह समस्या वर्षों से बरकरार है। गांव में नेटवर्क नहीं रहने के कारण जहां लोगों को मोबाइल पर बात करने में परेशानी हो रही है।
छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक दिक्कत
गांव के लोग इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं जिससे छात्र-छात्राओं का इंटरनेट से जुड़ा विभिन्न प्रकार का कार्य बाधित हो रहा है। अति आवश्यक होने पर गांव से तीन किलोमीटर दूर खेत खलिहान में जाकर इंटरनेट तथा मोबाइल का इस्तेमाल करने की मजबूरी बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से गांव में नेटवर्क की समस्या को शीघ्र दूर कराने की मांग की ।


