Bihar Flood: पटना के पुनपुन में रेलवे ट्रैक पर पानी ही पानी, 10 ट्रेनें रद्द; 8 का रूट बदला
Bihar Flood: पुनपुन नदी का पानी रेलवे ट्रैक पर चढ़ गया है। जिसके बाद कई ट्रेनें रद्द हैं। 63390 एनडब्ल्यूडी-पटना मेमू, 63389 पटना-एनडब्ल्यूडी मेमू, 63391 इस्लामपुर-पटना मेमू और 63392 पटना-इस्लामपुर मेमू को निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है।

Bihar Flood: पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना-गया रेलखंड पर रेल परिचालन प्रभावित हो गया है। पुनपुन-परसा बाजार के बीच पुल संख्या-21 के पास पानी का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद रेलवे ने एहतियातन इस पुल से ट्रेनों का परिचालन निलंबित कर दिया है। इसके चलते मंगलवार को गया-पटना और पटना-गया के बीच चलने वाली 10 मेमू ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया है। वहीं, आठ ट्रेनों का मार्ग बदलकर चलाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे के आदेश के अनुसार पुल संख्या-21 के किमी 11/38-32 पर इंजीनियरिंग विभाग ने चार सितंबर की रात से ट्रेनों का परिचालन निलंबित कर रखा है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी। जलस्तर और पुल की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने यह कदम उठाया है।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक रेलखंड से चलाने का निर्णय लिया है। 18625 कोसी-बरौनी-हटिया एक्सप्रेस और 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस को क्रमश: बख्तियारपुर-किऊल-कटिहार और बख्तियारपुर-पीएमआई-तिलैया-राजगीर-किऊल होकर चलाया जाएगा। इसके अलावा 13329 धनबाद-पटना एक्सप्रेस, 13330 पटना-धनबाद एक्सप्रेस, 15137 रांची-दुर्ग एक्सप्रेस और 15138 बरौनी-रांची एक्सप्रेस के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। इन ट्रेनों को भी वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। 63390 एनडब्ल्यूडी-पटना मेमू, 63389 पटना-एनडब्ल्यूडी मेमू, 63391 इस्लामपुर-पटना मेमू और 63392 पटना-इस्लामपुर मेमू को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जलस्तर कम होने और पुल की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही इस रेलखंड पर सामान्य परिचालन बहाल किया जाएगा।
ये ट्रेनें रहेंगी रद्द
आठ सितंबर को ट्रेन सं. 63242 गया -पटना, 63258 गया-पटना, 63245 पटना-गया, 63396 गया-पटना, 63248 गया-पटना, 63243 पटना-गया, 63259 पटना-गया, 63393 पटना-गया, 63250 गया-पटना व 63253 पटना-गया मेमू रद्द रहेगा।
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत-बचाव कार्य तेज, 34 रसोई और 20 स्वास्थ्य शिविर सक्रिय
गंगा और पुनपुन के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन ने राहत -बचाव कार्य तेज कर दिया है। राहत कार्य में लगाई गई नावों की संख्या बढ़ाकर 189 कर दी गई है। सामुदायिक रसोई की संख्या भी 25 से बढ़ाकर 34 कर दी गई है। जिले में 20 स्वास्थ्य शिविर और 34 एंबुलेंस बाढ़ पीड़ितों के लिए तैनात किए गए हैं। डीएम कुंदन कुमार ने एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा के साथ बाढ़ राहत शिविरों का जायजा लिया। उन्होंने सभी विभागों को अलर्ट पर रहने और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया।
वहीं बाढ़ के कारण दियारा क्षेत्रों में जंगली सूअर व अन्य वन्यजीवों के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए वन विभाग की दो रेस्क्यू गाड़ियों के साथ टीम तैनात की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीव दिखाई देने पर उसे न छेड़ें और तत्काल प्रशासन को सूचना दें।
इलाज के लिए 20 कैंप, 34 एंबुलेंस तैनात
बाढ़ प्रभावित लोगों को नजदीक में इलाज उपलब्ध कराने के लिए 20 मेडिकल कैंप सक्रिय किए गए हैं। इनमें 28 सामान्य एंबुलेंस और छह बोट एंबुलेंस लगातार सेवा दे रही हैं। सामुदायिक रसोई केंद्रों के पास भी डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है।


