
आईपीएस जयप्रकाश सिंह और भोजपुरी गायक रितेश पांडे जनसुराज में शामिल, प्रशांत किशोर ने किया स्वागत
संक्षेप: सारण जिले के रहने वाले पूर्व आईपीएस जय प्रकाश सिंह और जाने माने भोजपुरी सिंगर रितेश पांडे ने जनसुराज का दामन थाम लिया है। जय प्रकाश सिंह हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने पद से इस्तीफा दिया था।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर के जनसुराज का कुनबा और बड़ा हो गया है। सारण जिले के रहने वाले पूर्व आईपीएस जय प्रकाश सिंह और जाने माने भोजपुरी सिंगर रितेश पांडे ने जनसुराज का दामन थाम लिया है। जय प्रकाश सिंह हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने पद से इस्तीफा दिया। प्रशांत किशोर समेत सभी पार्टी नेताओं ने दोनों का जोरदार स्वागत किया।

प्रशांत किशोर ने बताया कि जयप्रकाश सिंह सारण के निवासी हैं। उन्होंने मैट्रिक तक की पढ़ाई अपने गांव से की। एकमा के सरकारी विद्यालय में पढ़े। मैट्रिक तक छपरा भी नहीं आए थे। उसके बाद पटना कॉलेज में पढ़ाई की। परिवार की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण सेना में नौकरी की क्योंकि पढने की स्थिति नहीं थी। लेकिन अपने मेहनत के बल पर आईपीएस में ऑल इंडिया में 59 रैंक हासिल किया। उससे पहले एयरपोर्ट ऑथोरिटी में भी नौकरी की। ये एडीजी थे और कुछ दिन और नौकरी में रह जाते तो डीजीपी हो जाते। लेकिन बिहार में बदलाव के लिए इन्होंने उसका त्याग कर दिया।
पीके ने कहा कि रितेश पांडे काराकाट इलाके के रहने वाले हैं। उन्होंने बिहार को बदहाली से निकालने के लिए जनसुराज का दामन थामा है। भोजपुरी में उनके चाहने वालों का कुनबा बहुत बड़ा है। इनके पिताजी शिक्षक थे लेकिन लालू यादव के राज में उनकी नौकरी चली गयी। संघर्ष करके यहां तक पहुंचे। 40 से 50 फिल्मों में इन्होंने काम भी किया। उस वैभव को छोड़कर बिहार बदलने की मकसद से जनसुराज के साथ आ गए हैं।
एडीजी पद छोड़कर जनसुराज में आए जेपी सिंह ने इस मौके पर कहा कि प्रशांत किशोर का अभियान बिहार की तकदीर बदलने वाला है। प्रशांत किशोर आराम की जिंदगी छोड़कर गांव गांव पैदल भटक रहे हैं। मुझे भी बिहार के लिए त्याग करना चाहिए। यही समय कि मातृभूमि के लिए कुछ कर दिखाया जाए। आईपीएस की नौकरी छोड़ने का फैसला बहुत कठिन था। अब बिहार के लिए काम करेंगे।





