बिहार में विष्णुपद कॉरिडोर के बनने से पहले ही विरोध शुरू, मकान-मठ और मंदिर पर पंडा मुखर; आंदोलन का ऐलान
Vishnupad Corridor: गयापाल दीपूलाल भैया ने कहा कि पांच सौ साल पुराने मकान, धर्मशाला व मठों को तोड़ना उचित नहीं। विष्णुपद को धार्मिक स्थल रहने दिया जाए पर्यटन स्थल ना बनने दिया जाए। डा. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि बिना लोगों के सुझाव के कोरिडोर पास हुआ है।

Vishnupad Corridor: बिहार के गयाजी जिले में विष्णुपद कॉरिडोर के निर्माण शुरू होने से पहले ही इसका विरोध तेज हो गया है। सोमवार को विष्णुपद मंदिर के सामने स्थित विश्रामस्थल में श्री विष्णुपद क्षेत्रीय जन जागरण मंच के बैनर तले बैठक आयोजित की गई। बैठक में गयापाल पंडा, करसिल्ली और अंदर गया क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कॉरिडोर निर्माण का विरोध करते हुए ‘कॉरिडोर वापस लो’ और ‘विकास नहीं, विनाश है’ जैसे नारे लगाए। लोगों ने कहा कि विष्णुपद मंदिर का सौंदर्यीकरण और विकास हो, लेकिन गयापालों के मकान, मठ, धर्मशालाएं और प्राचीन मंदिर नहीं तोड़े जाएं। बैठक में चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया।
बाद में प्रेस वार्ता कर गयापाल समाज के लोगों ने अपना विरोध सार्वजनिक रूप से दर्ज कराया। बैठक में शामिल श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभूलाल विट्ठल ने कहा कि वे गयापाल समाज के साथ हैं। समाज का अहित ठीक नहीं। सचिव गजाधर लाल पाठक ने भी कॉरिडोर पर विरोध जताया। रामानुज मठ के मठाधीश स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने कहा कि सर्वे के बाद पता चला कि कॉरिडोर निर्माण के नाम पर सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहर को हटाया जाएगा। पूर्वजों की अस्मिता खतरे में आ जाएगी।
विष्णुपद श्राद्ध स्थल है, पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना कहीं से उचित नहीं है। स्वामी जी ने कहा कि विकास के नाम पर विनाश नहीं होना चाहिए। अगर कोरिडोर बनेगा सैकड़ों घर, धर्मशाला,मठ व मंदिर तोड़े जाएंगे। इससे जुड़े हजारों लोगों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। कहा कि विष्णुपद का विकास होना चाहिए ना कि जनमानस का विनाश हो। ऐतिहासिक व अध्यात्मिक अस्मिता को बचाने के लिए सभी लोग जुटे हैं।
विष्णुपद को धार्मिक स्थल रहने दें, पर्यटन स्थल ना बनाएं
गयापाल दीपूलाल भैया ने कहा कि पांच सौ साल पुराने मकान, धर्मशाला व मठों को तोड़ना उचित नहीं। विष्णुपद को धार्मिक स्थल रहने दिया जाए पर्यटन स्थल ना बनने दिया जाए। डा. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि बिना लोगों के सुझाव के कोरिडोर पास हुआ है। गयापाल गोकुल दुबे ने संस्कृति, सभ्यता और धार्मिक भावना की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। कोरिडोर वापस लेना होगा। बैठक का संचालन मंच के सचिव विनोद लाल मेहरवार ने किया। बैठक में अध्यक्ष रमेश लाल गायब, कोषाध्यक्ष शक्ति सुनील अधिवक्ता, अजीत कुमार, शिवम गुर्दा, सुमित मेहरवार, मुन्ना गुर्दा, गोकुल धोकढेश्वर, अभिषेक कुटरियार, संजय कुमार महतो वियोगी, छोटू बारिक सहित भारी संख्या में गयापाल शामिल रहे।


