प्रोफेसर का फर्जीवाड़ा उजागर, नौकरी छिन गई; PU से DDU गोरखपुर यूनिवर्सिटी तक पहुंचा मामला
विवेक कुमार के अनुभव प्रमाणपत्र की प्रमाणिकता की जांच के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव को भेजा गया था, लेकिन संबंधित विश्वविद्यालय ने उनके अनुभव प्रमाणपत्र को फर्जी बताया।

बिहार में फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र देकर सहायक प्राध्यापक बने विवेक कुमार को पटना विश्वविद्यालय ने तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इनके वेतन भुगतान को विधिसम्मत निर्णय तक स्थगित रखने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोप है कि विवेक कुमार ने उस कॉलेज का भूगोल प़ढ़ाने का अनुभव प्रमाण पत्र दे कर नौकरी ली थी जहां इस विषय की पढ़ाई ही नहीं होती है। इस कार्रवाई से पटना यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय में कई असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली पर जांच चल रही है।
पटना यूनिवर्सिटी के कुलसचिव शालिनी के मुताबिक, विवेक कुमार की नियुक्ति भूगोल विभाग में सहायक प्राध्यापक के तौर पर हुई थी। विवेक कुमार के अनुभव प्रमाणपत्र की प्रमाणिकता की जांच के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव को भेजा गया था, लेकिन संबंधित विश्वविद्यालय ने उनके अनुभव प्रमाणपत्र को फर्जी बताया।अब इस बात की चर्चा है कि अगला नंबर किसका है। ठीक से जांच हुई तो कई लोगों के खिलाफ ऐसी कार्रवाी हो सकती है। इस वजह से कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
संबंधित कॉलेज में भूगोल विषय की नहीं होती थी पढ़ाई
विवेक कुमार ने पंडित श्री कृष्ण उपाध्याय महाविद्यालय रूद्रपुर देवरिया का अनुभव प्रमाणपत्र जमा किया था। जांच में पता चला कि संबंधित कॉलेज में भूगोल विषय की पढ़ाई नहीं होती है। यह फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद विवेक कुमार जवाब नहीं दे रहे हैं। पटना यूनिवर्सिटी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के मूड में है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ धोखाधड़ी की कार्रवाई भी हो सकती है।
जांच में उजागर हुआ है कि कॉलेज के लेटर पैड का दुरुपयोग कर फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र तैयार किया गया है। इसके बाद पीयू प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्णय लिया है। जांच रिपोर्ट की कॉपी लोकभवन के साथ उच्च शिक्षा निदेशक को भेज दी गई है। राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों से भी फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों पर नौकरी लेने की खबरें आ चुकी हैं। मुजफ्फरपुर स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में इस प्रकार के दर्जनों मामले सामने आए हैं जिनकी जांच चल रही है। पिछले दिनों बीआरएबीयू से भी 70 प्रोफेसर की बहाली में ऐसी ही गड़बड़ी की बात सामने आई। राज्य भर से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। पहली कार्रवाई पटना यूनिवर्सिटी में की गई है।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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