प्रशांत किशोर का विधायक आवास में गृह प्रवेश, बंगले का नामकरण किया; इसमें खुद नहीं रहेंगे
प्रशांत किशोर ने पटना में अपने विधायक आवास में रक्षाबंधन पर पूजा-पाठ के बाद गृह प्रवेश किया। उन्होंने इस बंगले का नामकरण भी किया है। पीके खुद इस आवास में नहीं रहेंगे, बल्कि बांकीपुर की जनता के लिए इसे खुला रखेंगे।

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपने विधायक आवास में रक्षाबंधन के मौके पर गृह प्रवेश किया। पीके ने इस आवास का नामकरण भी किया है। उन्होंने इसे बांकीपुर जन सेवा केंद्र नाम दिया। प्रशांत किशोर इस आवास में खुद नहीं रहेंगे। पीके ने कहा कि बांकीपुर के जन प्रतिनिधि के रूप में जो घर आवंटित हुआ है, इसे वह जन सेवा केंद्र के रूप में रखना चाहते हैं।
प्रशांत किशोर ने हाल ही में पटना शहर की बांकीपुर सीट से उपचुनाव जीतकर विधानसभा की सदस्यता हासिल की थी। वह जन सुराज पार्टी के पहले और एकमात्र विधायक हैं। पीके को पटना के वीरचंद पटेल पथ पर सरकारी विधायक आवास आवंटित हुआ।
प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को पूजा-अर्चना के साथ सरकारी आवास में गृह प्रवेश किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "आज रक्षाबंधन है और आज पूजा-पाठ करके हमने बांकीपुर जन सेवा केंद्र की शुरुआत की है। कल से हमारी अपेक्षा होगी कि बांकीपुर के जरूरतमंद लोगों की मदद कर पाएं।"
पीके ने छात्र आंदोलन के सवाल पर कहा कि जब तक शिक्षा के निजीकरण पर लगाम नहीं लगेगी। कोचिंग सेंटर के प्रभुत्व को कम नहीं किया जाएगा। बच्चों के लिए रोजगार की व्यवस्था नहीं होगी। तब तक किसी ना किसी जगह छात्रों का आंदोलन और धरना-प्रदर्शन होता रहेगा।
विधायक आवास में नहीं रहेंगे पीके
प्रशांत किशोर ने पिछले दिनों बताया था कि वह अपने सरकारी विधायक आवास का निजी घर के तौर पर इस्तेमाल नहीं रहेंगे। बल्कि उस घर को वह बांकीपुर की जनता के लिए खुला रखेंगे। यहां कार्यालय बनाया जाएगा। जहां आम जनता आकर अपनी समस्याएं बता सकेंगे। पीके कहना है कि इससे उनका और क्षेत्र की जनता के बीच सीधा संवाद हो सकेगा।
पीके ने भाजपा को गढ़ में हराया
बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट खाली हो गई थी। बांकीपुर सीट पर पिछले महीने उपचुनाव के लिए मतदान हुआ। 3 अगस्त को रिजल्ट आया, जिसमें प्रशांत किशोर ने भाजपा कैंडिडेट नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हरा दिया था।
बांकीपुर सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता था। नितिन नवीन यहां से लगातार 5 बार और उनके पिता चार बार विधायक रहे थे। पीके ने भाजपा से यह सीट छीनकर जन सुराज पार्टी को विधानसभा में एंट्री दिला दी। विधायक निर्वाचित होने के बाद 17 अगस्त को प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली थी।
चर्चा में प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर विधायक बनने के बाद लगातार चर्चा में बने हुए हैं। वह बांकीपुर की जनता के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर चुके हैं। उन्होंने क्षेत्र के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने, निजी स्कूलों की फीस कम कराने जैसे वादे किए हैं। बांकीपुर समेत पूरे पटना शहर में ट्रैफिक, सूखा नशा आदि की समस्याओं को लेकर वह बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी से लेकर अन्य अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं।


