प्रशांत किशोर मधुबनी एसएसपी से मिले, रौशन यादव की जेल में मौत पर 10 दिन का अल्टीमेटम

लाइव हिन्दुस्तान, मधुबनी
Follow us on Google News
share

रौशन यादव की मधुबनी जेल में मौत पर प्रशांत किशोर ने एसएसपी से मुलाकात की। पीके ने कहा कि एसएसपी ने 10 दिन में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तो वह फिर यहां आएंगे।

prashant kishor madhubani ssp
प्रशांत किशोर ने रौशन यादव की हिरासत में मौत के मामले पर मधुबनी एसएसपी से मुलाकात की

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शनिवार देर शाम मधुबनी पहुंचकर मधुबनी के एसएसपी योगेंद्र कुमार से मुलाकात की। पीके ने पिछले दिनों जेल में रौशन यादव नाम के युवक की मौत का मामला उठाया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। इसके बाद एसएसपी ने उन्हें 10 दिन में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर 10 दिन में कोई ऐक्शन नहीं लिया जाता है तो वह फिर मधुबनी आएंगे। जरूरत पड़ने पर डीजीपी और मुख्य सचिव से भी मुलाकात करेंगे। बता दें कि रौशन यादव की 10 अगस्त को मधुबनी जेल में मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे सुसाइड बताया, जबकि परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं।

बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने शनिवार को मधुबनी मे पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके बाद वह एसएसपी कार्याल पहुंचे। पीके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस घटना के दो पहलू हैं। परिवार का आरोप है कि बीते 27 मई को रहिका थाना की पुलिस ने रौशन यादव को गिरफ्तार किया था, जिसकी कोई सूचना नहीं दी गई थी। परिजन को 3 दिन बाद पता चला कि युवक थाने में बंद है। जब परिवार थाने गया तो उसने पुलिस पर प्रताड़ना और मारपीट का आरोप लगाया था।

पीके ने परिवार के हवाले से बताया कि 31 मई को पुलिस ने सुबह में रौशन को छोड़ दिया था। मगर आधे घंटे बाद उसे आर्म्स एक्ट के मामले में फिर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से वह मधुबनी मंडल कारा में बंद था। जहां बीते सोमवार की शाम उसकी मौत हो गई।

परिजन आरोप लगा रहे हैं कि न्यायिक हिरासत में उसके साथ मारपीट कर हत्या कर दी गई। वहीं, पुलिस एवं जेल प्रशासन ने कहा कि रौशन ने आत्महत्या की है। प्रशांत किशोर ने कहा कि एसएसपी ने एनएचआरसी की गाइडलाइन के अनुसार युवक की मौत की जांच होने की बात कही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पता चल जाएगा कि मौत कैसे हुई थी।

मधुबनी में रौशन यादव की मां से मुलाकात करते प्रशांत किशोर

पीके ने आरोप लगाया कि 27 मई को रईका थाना की पुलिस ने रौशन यादव को नियमों की अनदेखी करते हुए गिरफ्तार किया था। परिवार वाले थाने में उसके साथ प्रताड़ना के आरोप लगा रहे हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला पुलिस और प्रशासन की है। प्रशांत किशोर के अनुसार एसएसपी ने इस मामले में 10 दिन में जांच पूरी कर अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

वहीं, युवक की मौत के मामले की जांच मानवाधिकार आयोग की गाइ़डलाइन के अनुरूप की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। पीके ने पुलिस और प्रशासन से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार बहुत गरीब है। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। घर में अब मां और दो बहनें ही हैं। एसएसपी से आग्रह है कि अगर परिवार के साथ ज्यादती हुई है तो उन्हें न्याय जरूर मिले।

डीएम ने ज्यूडिशियल जांच का आदेश दिया

बता दें कि रौशन यादव की न्यायिक हिरासत में मौत के बाद मधुबनी के डीएम आनंद शर्मा न्यायिक जांच का आदेश दे चुके हैं। वरीय उप समाहर्ता बिरजू दास को जांच की कमान सौंपी गई है। जेल प्रशासन का कहना है कि रौशन ने जेल के अंदर खुद ही सुसाइड कर लिया। 19 वर्षीय रौशन यादव अररे थाना क्षेत्र के भदुली कोकाई टोला का रहने वाला था।

मृतक की बहन ममता कुमारी का कहना है कि मौत से दो दिन पहले तक उसका भाई पूरी तरह स्वस्थ दिख रहा था। फिर 10 अगस्त की रात को अचानक पुलिस ने उसकी मौत की सूचना दी, जिसके बाद परिजन के पैरों तले जमीन खिसक गई। रहिका थाना में रौशन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तीन मामले दर्ज थे।

Jayesh Jetawat

लेखक के बारे में

Jayesh Jetawat

जयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।

जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bihar News के साथ-साथ Patna, Muzaffarpur, Bhagalpur और बिहार के अन्य जिलों की ताज़ा खबरें और पटना का मौसम हिंदी में जानने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi NewsBihar Newsप्रशांत किशोर मधुबनी एसएसपी से मिले, रौशन यादव की जेल में मौत पर अल्टीमेटम