प्रशांत किशोर खुद लड़ेंगे बांकीपुर चुनाव, जन सुराज ने कहा- पार्टी की पसंद पीके, घोषणा 5 जुलाई को
पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर खुद जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार होंगे। पार्टी ने पीके को अपना कैंडिडेट तय कर लिया है। शुक्रवार को जन सुराज कोर कमिटी की बैठक बुलाई गई है। इसमें उनके नाम पर मुहर लग जाएगी। इसके बाद 5 जुलाई को औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर बिहार विधानसभा में पटना की बांकीपुर सीट से उपचुनाव लड़ेंगे। पार्टी ने बांकीपुर से प्रत्याशी फाइनल करने के लिए कोर कमिटी की शुक्रवार को बैठक बुलाई है। इस मीटिंग में पीके के नाम पर मुहर लगाई जाएगी। जन सुराज के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना ने गुरुवार को पूछे जाने पर कहा कि बांकीपुर की जनता की इच्छा को देखते हुए पार्टी ने निर्णय लिया है कि प्रशांत किशोर उम्मीदवार होंगे। पीके पहली बार किसी चुनाव में बतौर उम्मीदवार उतरेंगे। बांकीपुर में 30 जुलाई को विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान होगा, 3 अगस्त को मतगणना के बाद रिजल्ट जारी किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विधायक पद से इस्तीफे से यह सीट खाली हुई थी।
पटना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान, जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के अनुसार बांकीपुर कैंडिडेट के लिए पार्टी की पसंद पीके ही हैं। अंतिम मुहर लगने के बाद 5 जुलाई को उम्मीदवार की घोषणा कर दी जाएगी।
जन सुराज पार्टी पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कई दिनों से सक्रिय है। खुद प्रशांत किशोर जन संपर्क कर अलग-अलग वर्ग के लोगों से संवाद कर रहे हैं। सड़क पर जन सुराज कार्यकर्ताओं से लेकर सोशल मीडिया पर डिजिटल टीम ने मोर्चा संभाल रखा है। पीके की पार्टी ने बांकीपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को टक्कर देने की पूरी तैयारी कर ली है।
जन सुराज बोली- बांकीपुर की जनता चाहती है पीके खुद लड़ें चुनाव
जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने गुरुवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बांकीपुर की जनता यह मांग कर रही है कि जन सुराज की तरफ से प्रशांत किशोर को यहां से चुनाव लड़ाया जाए। वहीं, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी इच्छा है कि पीके खुद उपचुनाव में उतरें। पीसी में पार्टी के बांकीपुर प्रभारी रामबली चंद्रवंशी, ललन यादव समेत अन्य मौजूद रहे।
'भाजपा को हराने के लिए जो कुछ करना होगा करेंगे'
प्रशांत किशोर बांकीपुर से खुद चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने गुरुवार को वैशाली में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “उम्मीदवार के बारे में पार्टी फैसला लेगी। अगर पार्टी का निर्णय करेगी मैं लड़ूं, तो मैं ही लड़ूंगा।” वहीं, पिछले दिनों प्रशांत किशोर ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि भाजपा का किला ढहाने के लिए जो कुछ करना होगा वो करेंगे। अगर उन्हें खुद चुनाव लड़ना पड़ा, तो भी लड़ेंगे।
सम्राट के चेहरे की परीक्षा है उपचुनाव?
सम्राट चौधरी के रूप में बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार विधानसभा उपचुनाव होगा। इस चुनाव को सम्राट के चेहरे की सीएम के रूप में स्वीकार्यता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। प्रशांत किशोर भी घूम-घूम कर लोगों से कह रहे हैं कि अगर वह सम्राट चौधरी की नीतियों से खुश नहीं हैं तो इस उपचुनाव में भाजपा को हराकर दिल्ली तक मैसेज पहुंचा दें।
बिहार चुनाव में खुद नहीं लड़े थे पीके
प्रशांत किशोर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में खुद नहीं लड़े थे। चुनाव से पहले उनके रोहतास जिले की करगहर और वैशाली जिले की राघोपुर सीट से प्रत्याशी के रूप में नाम चला था, मगर तब नहीं लड़े। पिछले साल के विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी ने राज्य की लगभग सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन एक पर भी जीत नसीब नहीं हो पाई थी।
बांकीपुर में उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित
चुनाव आयोग ने बांकीपुर समेत देशभर की 3 विधानसभा सीटों पर गुरुवार को उपचुनाव की घोषणा की। नामांकन की प्रक्रिया 6 जुलाई को शुरू हो जाएगी। 13 जुलाई को नामांकन का आखिरी दिन है। 16 जुलाई तक नाम वापसी के बाद 30 तारीख को मतदान होगा। इसके बाद 3 अगस्त को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
तेज प्रताप की जेजेडी ने वीना को बनाया प्रत्याशी
पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की पार्टी ने जनशक्ति जनता दल ने दो दिन पहले ही बांकीपुर सीट से अपने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया। जेजेडी ने सामाजिक कार्यकर्ता वीना मानवी को टिकट देने का ऐलान किया है। एनडीए और महागठबंधन से अभी प्रत्याशियों का ऐलान होना बाकी है।
भाजपा का गढ़ है बांकीपुर, 30 सालों से नवीन परिवार का कब्जा
बांकीपुर विधानसभा (2008 से पहले पटना पश्चिम सीट) पर साल 1995 में नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने पहली बार भाजपा का कमल खिलाया था। इसके बाद से लगातार यह सीट भाजपा के कब्जे में ही रही। नवीन किशोर खुद 4 बार विधायक बने। उनके निधन के बाद बेटे नितिन नवीन 5 बार विधायक रहे। इसी साल राज्यसभा सांसद बनने के बाद नितिन नवीन ने यह सीट छोड़ दी थी। अब भाजपा अपना गढ़ बचा पाएगी या फिर प्रशांत किशोर या कोई और नितिन नवीन के किले को ढहा देंगे, यह 3 जुलाई को उपचुनाव के नतीजे के बाद पता चल जाएगा।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


