कभी बोगस वोट, कभी करोड़ों रुपये खर्च; प्रशांत किशोर ने BJP को भी चुनाव आयोग दौड़ा दिया
बिहार की बांकीपुर सीट के उप-चुनाव के दौरान राजनीति में एक बदलाव दिखा, जब केंद्र और राज्य में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी कई बार जन सुराज पार्टी और प्रशांत किशोर की शिकायत करने चुनाव अधिकारियों के पास गई।

लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में विपक्षी दलों के नेता लगातार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ चुनाव आयोग और निर्वाचन विभाग के अफसरों से शिकायत करते दिखते थे। लेकिन, बांकीपुर सीट के उप-चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) ने भाजपा नेताओं को चुनाव आयोग से लेकर रिटर्निंग अफसर तक खूब दौड़ाया। शिकायत में ये बदलाव अहम है। कभी भाजपा ने प्रशांत किशोर पर बांकीपुर में करोड़ों रुपये खर्च करने का आरोप लगाया तो कभी फर्जी वोटिंग करवाने का आरोप लगाकर मतदाता पहचान पत्र का वोटर से मिलान करने के बाद ही वोट देने की गारंटी करने कहा। भाजपा से सीट छीनने के लिए जन सुराज से प्रशांत किशोर और राजद से रेखा गुप्ता मैदान में हैं। बीजेपी के कैंडिडेट नीरज सिन्हा हैं।
भाजपा ने प्रशांत किशोर के खिलाफ चुनाव आयोग में सबसे पहली शिकायत चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च करने के आरोप के साथ की। पार्टी की तरफ से शाहनवाज हुसैन को यह आरोप लगाने के लिए उतारा गया, जिन्होंने थर्ड पार्टी कंपनियों के जरिए चुनाव में पैसा बहाने की शिकायत की। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार की तरफ से भाजपा कैंडिडेट नीरज सिन्हा को वोट देने की अपील का वीडियो संदेश आया तो प्रशांत ने उसे फेक बता दिया। इसकी शिकायत करने जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार थाना पहुंच गए और प्राथमिकी भी दर्ज करा दी। भाजपा ने आज जन सुराज पर फर्जी और बोगस वोट डलवाने का आरोप लगाया और इसे रोकने के लिए वोटर कार्ड की कड़ाई से जांच की मांग अधिकारियों से की। मजेदार ये रहा कि प्रशांत किशोर ने भी बीजेपी की इस मांग का स्वागत किया।
प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी ने भी चुनाव आयोग से कुछ शिकायत, कुछ मांग की। जन सुराज पुलिस पर भाजपा के इशारे पर कार्यकर्ताओं को परेशान करने का आरोप लगातार ही लगा रही है। प्रशांत ने बांकीपुर में जीविका दीदी और पैरा मिलिट्री फोर्स नहीं लगाने की मांग की थी। मतदान से पहले वाली रात जन सुराज के 20 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का दावा करते हुए प्रशांत ने बुधवार की रात जक्कनपुर थाना में बवाल कर दिया। थानेदार से प्रशांत की बहस का वीडियो अब वायरल है। प्रशांत ने आज भी मतदान के दौरान पुलिस पर जन सुराज के बूथ एजेंट को परेशान करने और भाजपा की मदद करने का आरोप लगाया है।
बांकीपुर में गुरुवार को मतदान के दौरान एक और नई चीज दिखी। राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता शांति से वोट करते-करवाते रहे। कहीं भी राजद के लोग भाजपा या जन सुराज से बहस और विवाद करते नहीं दिखे। किसी बवाल में राजद का नाम नहीं आया। किदवईपुरी से मीठापुर तक जो बहस और झड़प हुई, सब भाजपा और जन सुराज के बीच हुई। सुबह सबसे पहले मीठापुर में भाजपा और जन सुराज वाले भिड़े। पीछे से प्रशांत भी पहुंचे, लेकिन तब सब शांत हो गया था। फिर किदवईपुरी में झड़प हुए। एएन कॉलेज पर दोनों के कार्यकर्ता ऐसा उलझे कि प्रशांत को वहां भी पहुंचना पड़ा।
भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान प्रो. केसी सिन्हा समेत जन सुराज के कई नेताओं को बारी-बारी से तोड़कर पार्टी में शामिल कर लिया। ऐसे माहौल में तेज प्रताप यादव ने प्रशांत किशोर को समर्थन दे दिया, जिनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल की कैंडिडेट वीणा मानवी का पर्चा रद्द हो गया और उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार भी कर लिया गया।
पटना पुलिस के लिए राहत की बात ये रही कि भाजपा और जन सुराज के बीच इतने तनाव के बाद भी मतदान के दौरान कोई वारदात नहीं हुई और यह कमोबेश शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। शाम 6 बजे तक मतदान प्रतिशत 34.30 फीसदी पर पहुंचा है। इस समय तक पोलिंग बूथ पर पहुंच गए लोग वोट कर सकते हैं, इसलिए इस नंबर में कुछ और इजाफा हो सकता है। बांकीपुर में नवंबर 2025 के चुनाव में 41.1 परसेंट वोटिंग हुई थी। यह विधानसभा क्षेत्र हमेशा से कम मतदान के लिए जाना जाता है। 2020 में 35.92 फीसदी, 2015 में 40.25 फीसदी और 2010 में 36.82 परसेंट वोट पड़े थे। पहले पटना पश्चिम रही सीट परिसीमन के बाद 2010 में बांकीपुर बन गई थी। यहां अब तक के चुनाव में यह सबसे कम वोट है।


