
सम्राट चौधरी को बर्खास्त करें; प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने पीएम मोदी को शिकायत भेजी
मर्डर केस के आरोप में जेल जा चुके सम्राट चौधरी के खिलाफ प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। अब जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सम्राट को बर्खास्त करने की मांग कर दी है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इसमें कहा गया है कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सम्राट लौना परसा नरसंहार केस के आरोपी थे, जिसमें कांग्रेस नेता सच्चिदानंद सिंह और कुशवाहा समुदाय के 6 लोगों की हत्या हुई थी। इस केस में सम्राट चौधरी जेल भी गए थे। उनकी जमानत याचिका दो बार खारिज हुई, फिर उन्होंने मैट्रिक के प्रवेश पत्र के आधार पर खुद को नाबालिग बताकर रिहाई ले ली थी।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सम्राट चौधरी का नाम 28 मार्च 1995 को हुए लौना परसा नरसंहार (केस संख्या 44/1995, थाना तारापुर) में अभियुक्त के रूप में दर्ज है, जिसमें कुशवाहा समुदाय के छह लोगों की हत्या हुई थी। इस मामले में सम्राट चौधरी सहित छह अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वे कई महीनों तक जेल में रहे, उनकी जमानत दो बार खारिज हुई थी। उन्होंने मैट्रिक के प्रवेश पत्र के आधार पर अपनी उम्र 15 वर्ष साबित की और नाबालिग का दर्जा पाकर रिहा हो गए।
पप्पू सिंह ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी ने बाद के चुनावी हलफनामों में अपना जन्म वर्ष 1969 बताया, जिससे 2020 में उनकी उम्र 51 वर्ष हो जाती है। इससे यह स्पष्ट है कि सन 1995 में उनकी उम्र 26 वर्ष थी, यानी वे नाबालिग नहीं थे। यह विरोधाभास इस बात का भी संकेत है कि गलत डॉक्यूमेंट पेश कर उनकी जेल से रिहाई कराई गई और एक गंभीर अपराध से बचने का प्रयास हुआ।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यक्ति का उच्च पद पर बना रहना न केवल शासन की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि कानून के राज और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास भी कम करता है। इसलिए पीएम, सम्राट चौधरी को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त करें और कानून को अपना स्वाभाविक मार्ग अपनाने दें ताकि इस नरसंहार के पीड़ितों को न्याय मिल सके।





