
सम्राट चौधरी की तमिल डिग्री फर्जी? प्रशांत किशोर ने अब डिप्टी CM के एफिडेविट पर सवाल उठाए
बिहार चुनाव में तारापुर सीट से नामांकन करने वाले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के चुनावी एफिडेविट पर जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सम्राट पर हलफनामे में डिग्री की गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के नेताओं पर आरोपों की झड़ी लगाने वाले जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के चुनावी हलफनामे पर सवाल उठाए हैं। पीके ने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी की कामराज विश्वविद्यालय से ली गई पीएफसी की डिग्री फर्जी है। उन्होंने दावा किया कि यह कोर्स सिर्फ तमिल भाषी ही कर सकते हैं। सम्राट तमिल भाषी नहीं है तो उनकी डिग्री फर्जी है। पीके ने इस पर कानूनी रूप से चुनौती देने की भी बात कही।

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व बिहार अध्यक्ष एवं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने गुरुवार को मुंगेर जिले की तारापुर विधानसभा सीट से अपना पर्चा दाखिल किया। अपने चुनावी एफिडेविट में सम्राट ने शैक्षणिक योग्यता में दो डिग्री का जिक्र किया है। पहली डी लिट की मानद उपाधि और दूसरा कामराज यूनिवर्सिटी से PFC कोर्स है।
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने उनकी कामराज यूनिवर्सिटी से ली गई डिग्री पर सवाल उठाए हैं। पीके ने गुरुवार को पटना में मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी ने चुनाव के दौरान जो शपथ पत्र दिया है, उसमें कई गड़बड़ी है। उन्होंने डिप्टी सीएम से सच बताने को कहा है।
पीके ने कहा कि सम्राट ने कामराज विश्वविद्यालय से पीएफसी कोर्स किया है। लेकिन यह प्री फाउंडेशन कोर्स (पीएफसी) वही कर सकता है जो तमिल भाषी हो। उन्होंने पूछा, “क्या सम्राट चौधरी तमिल भाषी हैं? यदि ऐसा नहीं है तो क्या यह डिग्री फर्जी है?”
उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी सात लोगों की हत्या के आरोपी के रूप में महीनों जेल में रहे और फर्जी कागजात लगाकर बाहर आए, उस केस की स्थिति क्या है? इस पर भी उनके शपथ पत्र में कुछ नहीं लिखा गया है। केस में उन्हें बेल मिली है या वे बरी हुए हैं, कुछ नहीं बताया गया है।



